CM मोहन यादव ने बदल दी तस्वीर, गेहूं खरीदी में MP बना नंबर-1 खिलाड़ी, किसानों के खातों में बरस रहे करोड़ों रुपए

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 10 May, 2026 08:26 PM

mp sets new wheat procurement record over 10 lakh farmers benefited

देश में गेहूं उपार्जन के मामले में मध्यप्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस वर्ष पंजाब के बाद सबसे ज्यादा गेहूं खरीद मध्यप्रदेश में होने जा रही है। प्रदेश में अब तक 10 लाख से अधिक किसानों से 63 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं का उपार्जन किया जा...

भोपाल: देश में गेहूं उपार्जन के मामले में मध्यप्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस वर्ष पंजाब के बाद सबसे ज्यादा गेहूं खरीद मध्यप्रदेश में होने जा रही है। प्रदेश में अब तक 10 लाख से अधिक किसानों से 63 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। राज्य सरकार के मुताबिक प्रतिदिन लगभग 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा रहा है। केवल 9 मई को ही 4 लाख 86 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन दर्ज किया गया। उपार्जन की रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि 23 मई तक 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री Mohan Yadav के प्रयासों से केंद्र सरकार ने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। प्रदेश में 23 मई तक समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जारी रहेगी। अब तक 14 लाख 83 हजार किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है और किसानों के खातों में 11 हजार 623 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। आंकड़ों के मुताबिक किसान लाभान्वित होने के मामले में भी मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे निकल गया है। जहां हरियाणा में 9.10 लाख, पंजाब में 7.5 लाख, उत्तर प्रदेश में 2 लाख और राजस्थान में 1.67 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं, वहीं मध्यप्रदेश में 10 लाख से अधिक किसान गेहूं उपार्जन प्रक्रिया का लाभ ले चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूं उपार्जन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। वे स्वयं खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री किसानों से सीधे संवाद कर भुगतान और उपार्जन प्रक्रिया की जानकारी भी ले रहे हैं। उनके लगातार निरीक्षणों से खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाएं अधिक व्यवस्थित और सुगम होती जा रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी भी प्रदेशभर के उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।

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