एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसलाः राज्य में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड, CM डॉ. मोहन यादव होंगे अध्यक्ष

Edited By Vandana Khosla, Updated: 05 May, 2026 04:19 PM

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MP Cabinet: मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट ने व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।...

MP Cabinet: मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट ने व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। इसमें 8 सरकारी विभागों के साथ कुछ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल किए जाएंगे। साथ ही, जिला स्तर पर भी ऐसे बोर्ड बनाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय सदस्यों को जोड़ा जाएगा। यह निर्णय प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कृषि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले यहां पढ़ें

कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार सड़क-सेतु के संधारण से संबंधित योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 150 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसी तरह एफ टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए 1 हजार 345 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

ग्रामीण सड़कों, अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रुपये का अनुमोदन सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों से जुड़ी योजना की सोलहवें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 की निरंतरता के लिए 610 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी वातावरण प्रदान करने के लिए और प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड एवं जिला स्तरीय समिति के गठन पर फैसला।

कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग के अंतर्गत इलेक्ट्रॅानिक्स मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य से संबंधित योजनाओं की निरंतरता और संचालन के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

इसके अलावा महिला एवं बाल विकास अंतर्गत नवीन, निर्माणाधीन अपूर्ण और अभी शुरू नहीं हुई आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण और समेकित बाल संरक्षण योजना के लिए लगभग 2412 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। स्वीकृति के अनुसार आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए भवन निर्माण अंतर्गत 1500 नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण से सम्बंधित योजना की प्रदेश में 16वें वित्त आयोग की निर्धारित अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-2031 में क्रियान्वयन के लिए 1800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी।

 

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