नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए दिया आदेश, परिवार पर आर्थिक संकट नहीं,

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 14 Oct, 2025 03:59 PM

no compassionate appointment will be granted high court dismisses petition

ग्वालियर हाईकोर्ट ने पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व कर्मचारी के पुत्र मनोज रजक की अनुकंपा नियुक्ति की याचिका को खारिज करते हुए बैंक के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि मृतक कर्मचारी के परिवार को सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन मिल चुकी है, इसलिए...

ग्वालियर: ग्वालियर हाईकोर्ट ने पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व कर्मचारी के पुत्र मनोज रजक की अनुकंपा नियुक्ति की याचिका को खारिज करते हुए बैंक के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि मृतक कर्मचारी के परिवार को सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन मिल चुकी है, इसलिए उन्हें आर्थिक संकट में नहीं माना जा सकता।

जानकारी के अनुसार, मनोज रजक के पिता भगवान दास रजक पंजाब एंड सिंध बैंक की भिंड शाखा में दफ्तरी-कम-प्यून पद पर कार्यरत थे। उनका निधन 26 दिसंबर 2017 को हुआ था। इसके बाद 12 मार्च 2021 को मनोज ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। हालांकि, बैंक की समिति ने आवेदन खारिज कर दिया। बैंक ने 9 अक्टूबर 2021 और 31 जनवरी 2023 को मनोज को अपने फैसले से अवगत कराया। बैंक का तर्क था कि परिवार को मृतक कर्मचारी के सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में पर्याप्त राशि मिल चुकी थी और वे आर्थिक संकट में नहीं हैं।

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य केवल परिवार को अचानक आए आर्थिक संकट से उबारना है, न कि इसे नियमित नियुक्ति का साधन बनाना। न्यायमूर्ति आशीष श्रोती की खंडपीठ ने कहा कि परिवार की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करते समय सेवानिवृत्ति लाभ एक महत्वपूर्ण कारक है। इस फैसले के बाद स्पष्ट हो गया कि आर्थिक रूप से सुरक्षित परिवारों के लिए अनुकंपा नियुक्ति की कोई गारंटी नहीं है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!