Edited By meena, Updated: 05 Apr, 2025 01:29 PM

मध्य प्रदेश के ढाबों, होटलों और अन्य स्थानों पर संचालित वेश्यालयों से पकड़ी जाने वाली महिला सेक्स वर्कर्स को...
भोपाल (इजहार हसन) : मध्य प्रदेश के ढाबों, होटलों और अन्य स्थानों पर संचालित वेश्यालयों से पकड़ी जाने वाली महिला सेक्स वर्कर्स को अब आरोपी नहीं माना जाएगा। यह महत्वपूर्ण फैसला पुलिस मुख्यालय ने लिया है और 4 अप्रैल 2025 के बाद इस फैसले का सख्त अनुपालन के आदेश दिए हैं। पीएचक्यू ने पत्र के जरिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और भोपाल-इंदौर के पुलिस आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले से उन महिलाओं को राहत मिलेगी, जो शोषण का शिकार होने के बावजूद कानूनी जाल में फंस जाती थी।
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों ने सख्ती से इसका अनुपालन करने के लिए कहा है, ताकि महिला सेक्स वर्कर्स के मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो। प्रदेश में अब वेश्यालय चालान अवैध माना गया है। दबिश के दौरान सेक्स वर्कर को ना ही गिरफ्तार किया जाएगा ना ही दंडित किया जाएगा। सभी SP को यह निर्देश कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया गया है। इसके बजाय पुलिस को उनके साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ व्यवहार करने का आदेश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सहानुभूतिपूर्ण माहौल बनाना है, जो लंबे समय से सामाजिक और कानूनी कलंक के शिकार रही हैं।