Edited By Desh sharma, Updated: 01 Oct, 2025 10:39 PM

सागर जिले के जैसीनगर का नाम बदलने की घोषणा ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। प्रशासनिक स्तर पर नाम परिवर्तन की कवायद शुरू होते ही दो समुदाय आमने-सामने आ गए हैं। क्षत्रिय समाज ने जैसीनगर का नाम बदलकर जयसिंहनगर करने की मांग तेज कर दी है।
सागर (डेस्क): सागर जिले के जैसीनगर का नाम बदलने की घोषणा ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। प्रशासनिक स्तर पर नाम परिवर्तन की कवायद शुरू होते ही दो समुदाय आमने-सामने आ गए हैं। क्षत्रिय समाज ने जैसीनगर का नाम बदलकर जयसिंहनगर करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र का ऐतिहासिक जुड़ाव वीर योद्धा जयसिंह से रहा है, इसलिए नया नाम उनकी गौरवशाली विरासत को दर्शाएगा।
दूसरी ओर गोंड समाज जैसीनगर का नाम बरकरार रखने पर अड़ा हुआ है। उनका तर्क है कि यह क्षेत्र लंबे समय से गोंड आदिवासी संस्कृति और पहचान से जुड़ा है, इसलिए नाम बदलना उनकी अस्मिता के साथ खिलवाड़ होगा। गोंड समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
CM मोहन यादव के नाम बदलने के ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल तेज

आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव जैसे ही जैसीनगर में मंच से इसका नाम जयशिवनगर करने का ऐलान किया तो राजनीतिक हलचल मच गई है। नाम परिवर्तन के बाद अब अलग-अलग समाज-संगठन सामने आ गए हैं। क्षत्रिय समाज की इच्छा है कि जैसीनगर का नाम जयसिंह नगर रखा जाना चाहिए जबकी दूसरी ओर गोंड समाज जैसीनगर को जैसीनगर ही रहने पर जोर दे रहा है।
गोंड समाज का तर्क है कि जैसीनगर गोंडवाना साम्राज्य का हिस्सा रहा है। महाराजा संग्राम शाह के साम्राज्य के अधीन सागर था। सागर के जो सौ गढ़ थे उनमें से एक जैसीनगर भी था। इसके नाम को लेकर गोंड राजाओं और समाज की भावनाओं का ख्याल रखा जाए। वहीं दूसरी ओर क्षत्रिय समाज की तरफ से जैसीनगर का नाम जयशिवनगर की जगह जयसिंह नगर करने की मांग की गई है।
नाम बदलने की इस जंग ने राजनीतिक दलों को भी सक्रिय कर दिया है। स्थानीय नेता एक-दूसरे पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप जड़ रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही समुदायों को साधने में जुटी हुई हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। फिलहाल जैसीनगर में माहौल गर्म है और लोग इस मुद्दे को अपनी अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।