Edited By meena, Updated: 10 Oct, 2026 05:09 PM

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने घर से निकला मध्य प्रदेश के खरगोन का युवक करीब 1,600 किलोमीटर दूर जम्मू में भारत-पाकिस्तान...
खरगोन (रामेश्वर बड़ोले) : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने घर से निकला मध्य प्रदेश के खरगोन का युवक करीब 1,600 किलोमीटर दूर जम्मू में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट मिला। जम्मू के एक समाजसेवी की मदद से उसका पता चला, जिसके बाद खरगोन पुलिस उसे वापस लाकर परिजनों से मिलाया। पुलिस के अनुसार, खरगोन शहर के रायलाबेड़ा क्षेत्र निवासी राजेंद्र चौहान एक दिव्यांग शिक्षक का पुत्र है। वह एक सितंबर को घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश की उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद छह सितंबर को कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्टर दर्ज कराई गई।
कोतवाली थाना प्रभारी बनवारीलाल मंडलोई ने बताया कि पुलिस ने खरगोन और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इनमें युवक खंडवा की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने खंडवा क्षेत्र में भी फुटेज की जांच की और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। परिजनों को आशंका थी कि राजेंद्र संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी आस्था के कारण वृंदावन चला गया होगा। वह लगातार महाराज के वीडियो देखता था। पुलिस ने इस आशंका के आधार पर भी उसकी तलाश की।

मंडलोई के अनुसार, जम्मू के सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में समाजसेवी जितेंद्र सिंह को युवक मिला। उन्होंने उसे अपने घर पर रखा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इस बीच, लंबे बाल और असामान्य स्थिति में दिखाई देने वाले युवक के संबंध में सोशल मीडिया से भी पुलिस को सूचना मिली थी। थाना प्रभारी ने बताया कि जम्मू पुलिस और जितेंद्र सिंह की मदद से युवक की पहचान की पुष्टि की गई। इसके बाद खरगोन कोतवाली पुलिस की टीम जम्मू पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे वापस खरगोन लाई। पुलिस के अनुसार, युवक के वृंदावन के बाद जम्मू-कश्मीर पहुंचने की बात सामने आई है। युवक के सुरक्षित मिलने की सूचना उसके पिता को स्थानीय पुलिस के माध्यम से दी गई। खरगोन पहुंचने पर राजेंद्र को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।