83 लाख का लखनादौन घोटाला: FIR के बाद भी आजाद क्यों आरोपी? युवा कांग्रेस का सीधा सवाल — “क्या कानून सिर्फ विपक्ष के लिए है?”

Edited By meena, Updated: 03 Mar, 2026 04:15 PM

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लखनादौन नगर परिषद में 83 लाख रुपये के कथित घोटाले ने पूरे जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा जांच के बाद नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष...

सिवनी (कावीज खान) : लखनादौन नगर परिषद में 83 लाख रुपये के कथित घोटाले ने पूरे जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा जांच के बाद नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दो पूर्व सीएमओ सहित कुल 23 लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज की जा चुकी है। मामला सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता और भी बढ़ जाती है।

इसके बावजूद आरोपित पदाधिकारी न केवल खुलेआम घूम रहे हैं, बल्कि अपने पदों पर भी बने हुए हैं। आदित्य मोंटू भूरा जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस  सिवनी ने इसे प्रशासनिक निष्क्रियता और राजनीतिक संरक्षण का संकेत बताया है।

युवा कांग्रेस ने तीखा सवाल उठाया है 

“जब FIR दर्ज हो चुकी है तो गिरफ्तारी क्यों नहीं? पद से हटाने में देरी क्यों?”संगठन ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री शफीफ खान के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें एक कथित झूठे और फर्जी प्रकरण में बिना FIR के ही तत्काल पद से हटा दिया गया था। उस समय सरकार ने तत्परता दिखाई थी।

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अब जब FIR दर्ज है, तो कार्रवाई में यह ढिलाई क्यों?

  • क्या कार्रवाई की गति राजनीतिक पहचान देखकर तय होती है?
  • युवा कांग्रेस सिवनी का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति दोषी है तो उसके विरुद्ध समान, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए — चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।

युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें

  • FIR के बाद अब तक की कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
  • गिरफ्तारी में हो रही देरी का स्पष्ट कारण बताया जाए।
  • आरोपित पदाधिकारियों को जांच पूर्ण होने तक तत्काल पदमुक्त किया जाए।

युवा कांग्रेस ने आशंका जताई है कि यदि राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई रोकी जा रही है तो यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर संकेत है।

संगठन ने भाजपा सरकार से भी स्पष्ट उत्तर मांगा है:

  • क्या आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जाएगा?
  • क्या उन्हें उनके पदों से हटाया जाएगा?
  • क्या राजनीतिक संरक्षण की किसी भी संभावना को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?

जिला अध्यक्ष आदित्य मोंटू भूरा ने कहा:

“भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। कानून सबके लिए समान होना चाहिए। जनता जवाब चाहती है और जवाब लेकर रहेगी।”

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