शिवराज सिंह चौहान की कड़ा एक्शन! किसानों को खराब बीज देने पर कंपनी पर FIR

Edited By meena, Updated: 17 Apr, 2026 04:30 PM

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में खराब गुणवत्ता वाले बीजों के कारण फसल खराब होने की शिकायतों के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई और तत्काल मुआवजे के निर्देश दिए। मंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने...

भोपाल: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में खराब गुणवत्ता वाले बीजों के कारण फसल खराब होने की शिकायतों के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई और तत्काल मुआवजे के निर्देश दिए। मंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर धार और खरगोन जिलों के युवा किसानों के एक समूह से मुलाकात की।

किसानों ने उन्हें अपनी करेले की फसल में हुए भारी नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खराब गुणवत्ता वाले बीज और पौधे इस नुकसान के लिए जिम्मेदार थे। चौहान ने शिकायत का तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को बिना किसी देरी के मुआवजा सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने खराब गुणवत्ता वाले बीजों की कथित आपूर्ति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए।

चौहान ने एक बयान में कहा, "किसानों की कड़ी मेहनत और उनके भरोसे को बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता। किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उनके निर्देशों के बाद, धार जिले के मनावर पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है। यह मामला 'नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ दर्ज किया गया है। शुक्रवार को चौहान के कार्यालय से जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि FIR संख्या 266 दर्ज कर ली गई है।

यह मामला 'भारतीय न्याय संहिता', 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' और 'बीज अधिनियम' की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2025 में करेले के बीज और पौधे खरीदे थे। ये खरीद स्थानीय नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों के माध्यम से की गई थी। बुवाई के बाद, फसल ठीक से विकसित नहीं हो पाई। फल छोटे ही रह गए। वे पीले पड़ गए और समय से पहले ही झड़ गए। किसानों ने भारी आर्थिक नुकसान होने की जानकारी दी।

17 फरवरी 2026 को एक शिकायत दर्ज की गई थी। कृषि विशेषज्ञों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में इस बात के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिले कि प्रमाणित उत्पादों के रूप में खराब गुणवत्ता वाले बीजों की आपूर्ति की गई थी। जांच में पौधे भी दोषपूर्ण पाए गए। चौहान ने कहा कि सरकार कृषि सामग्री (इनपुट्स) में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी, और उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों के हित उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले से जुड़ी करेले के बीजों की 'रुबास्ता' (Rubasta) किस्म की जांच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बीजों की गुणवत्ता और आपूर्ति प्रणालियों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि फ़सल को हुए नुकसान का आकलन शुरू हो गया है। पुलिस कंपनी और उसके वितरण नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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