Edited By Vandana Khosla, Updated: 27 Apr, 2026 08:35 AM

छतरपुरः मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक पंचायत सचिव को तीन जीवित व्यक्तियों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सचिव ने संभवतः किसी के दबाव में आकर यह काम किया होगा जबकि...
छतरपुरः मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक पंचायत सचिव को तीन जीवित व्यक्तियों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सचिव ने संभवतः किसी के दबाव में आकर यह काम किया होगा जबकि अधिकारियों ने कहा कि आरोपी कंप्यूटर में दक्ष नहीं था और इसी वजह से त्रुटि हो गई होगी।
सचिव के खिलाफ कार्रवाई रमाबाई रायकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार द्वारा 17 अप्रैल को शिकायत दर्ज किये जाने के बाद की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है और उनके मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नमः शिवाय अरजारिया ने चंद्रपुरा ग्राम पंचायत के सचिव अमर सिंह को शनिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अपनी शिकायत में, रायकवार और विश्वकर्मा ने कहा कि उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद उनकी विधवा पेंशन रोक दी गई। अहिरवार ने दावा किया कि वह दलित कल्याण योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने में असमर्थ हैं क्योंकि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। अरजरिया ने कहा कि सचिव कंप्यूटर के जानकार नहीं थे, इसलिए हो सकता है कि यह गड़बड़ी हुई हो।
सीईओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि यह हरकत मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1996 के तहत गंभीर कदाचार है। अधिकारियों ने बताया कि निलंबन अवधि के दौरान सिंह को जनपद पंचायत गौरीहार कार्यालय से संबद्ध किया जाएगा और उन्हें गुजारा भत्ता मिलेगा।