Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Apr, 2026 12:09 PM

छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े करीब 23 साल पुराने एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े करीब 23 साल पुराने एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है।
दरअसल, हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले पर 20 अप्रैल को शुरुआती सुनवाई हुई, जिसके बाद 23 अप्रैल को फिर से सुनवाई हुई। इसी दौरान कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने का फैसला दिया।
गौरतलब है कि 6 अप्रैल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही उन्हें तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश भी दिया गया था। इसके बाद उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अमित जोगी की ओर से दलील दी गई कि उन्हें सुनवाई का पूरा अवसर नहीं मिला और हाईकोर्ट ने सीबीआई की दलीलों पर महज कुछ ही मिनटों में फैसला सुना दिया, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हुई।
इस मामले की जांच 2004 में सीबीआई को सौंपी गई थी। आरोप था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी का इस हत्याकांड में हाथ हो सकता है। सीबीआई ने बाद में अमित जोगी को कथित तौर पर मास्टरमाइंड बताते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की थी।
हालांकि, 2007 में विशेष सीबीआई अदालत ने ट्रायल के बाद अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
इसके बाद पीड़ित पक्ष के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को दोबारा विचार के लिए भेजा गया। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस लंबे समय से चल रहे मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है, और आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।