Edited By Vandana Khosla, Updated: 07 Apr, 2026 09:15 AM

छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर जिला अस्पताल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस में अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। आग इतनी तेजी से बढ़ रही थी कि मौके पर मौजूद लोग घबराए हुए...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर जिला अस्पताल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस में अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। आग इतनी तेजी से बढ़ रही थी कि मौके पर मौजूद लोग घबराए हुए थे और किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि एंबुलेंस के पास जाकर आग बुझाने की कोशिश करे।
बताया जा रहा है कि आग एंबुलेंस के इंजन के पास, बोनट के अंदर की ओर से उठती हुई दिखाई दे रही थी। लोगों को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं एंबुलेंस में विस्फोट न हो जाए, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। इसी डर के कारण काफी देर तक कोई भी व्यक्ति आग बुझाने के लिए आगे नहीं आया।
गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इसी बीच अस्पताल का एक गार्ड मौके पर फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाला सिलेंडर) सिलेंडर लेकर पहुंचा और उसने हिम्मत दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझा लिए जाने और गार्ड की सतर्कता और साहस से बड़ा हादसा टल गया।
कारण और नुकसान का नहीं चला पता
फिलहाल एंबुलेंस में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं, इस घटना में कितना नुकसान हुआ है, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। वहीं, घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसे करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय की है जब बारिश हो रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद एंबुलेंसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जीवनरक्षक वाहनों में खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण, जैसे फायर सिलेंडर, मौजूद नहीं रहते। यदि अस्पताल में फायर सिलेंडर उपलब्ध न होता, तो यह आग विकराल रूप ले सकती थी और बड़ा हादसा भी हो सकता था।
प्रशासन से की ये मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी एंबुलेंसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।