Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Mar, 2026 06:50 PM

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को अंतिम और मान्य प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
MP DESK: सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को अंतिम और मान्य प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार आधार को केवल पहचान पत्र के रूप में ही मान्यता दी जाएगी, जबकि आयु सत्यापन के लिए अन्य अधिकृत दस्तावेजों को प्राथमिक आधार माना जाएगा।
जन्मतिथि के दुरुपयोग की आशंका के चलते फैसला
सरकार का कहना है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि कई मामलों में स्वयं घोषित होती है, जिसके कारण पात्रता में गड़बड़ी और गलत तरीके से लाभ उठाने की संभावना बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है, ताकि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और केवल वास्तविक पात्र व्यक्तियों को ही लाभ मिल सके। वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और सामूहिक विवाह जैसी कई योजनाओं में आधार कार्ड की जन्मतिथि को अब मान्य नहीं माना जा रहा है।
पहले क्या था नियम
पहले केंद्र और राज्य सरकार की अधिकांश योजनाओं में आधार कार्ड को पहचान और आयु दोनों के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता था। आधार में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर ही पात्रता तय कर दी जाती थी और अलग से किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं पड़ती थी।
अब किन दस्तावेजों को माना जाएगा मान्य
नए नियमों के तहत अब आयु प्रमाण के लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्र और परिवार कुटुंब रजिस्टर को प्राथमिकता दी जाएगी। इन दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि को अधिक विश्वसनीय माना जाएगा, क्योंकि इन्हें संबंधित सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रमाणित किया जाता है।
क्या है परिवार कुटुंब रजिस्टर
परिवार कुटुंब रजिस्टर एक आधिकारिक रिकॉर्ड होता है, जिसे ग्राम पंचायत, नगर निकाय या स्थानीय प्रशासन द्वारा तैयार किया जाता है। इसमें परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी जैसे नाम, उम्र, संबंध, लिंग, जाति, व्यवसाय और अन्य विवरण दर्ज होते हैं। इसे कई जगहों पर परिवार रजिस्टर नकल या फैमिली आईडी के रूप में भी जाना जाता है। सरकार का यह कदम योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और गलत दावों को रोकने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।