Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Oct, 2026 11:05 AM

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक मंच पर सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक मंच पर सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खैरलांजी में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार नगपुरे ने अपनी ही पार्टी के विधायक विवेक ‘विक्की’ पटेल को लेकर तीखी नाराजगी जाहिर की। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
विकास कार्यों को लेकर विधायक पर लगाए आरोप
कार्यक्रम में संबोधन के दौरान रामकुमार नगपुरे ने क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए भूमिपूजन होने के बावजूद काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। नगपुरे ने खैरलांजी क्षेत्र की लगभग 30 पंचायतों में विकास कार्यों की कमी का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने ठेकेदारी के काम चुनिंदा लोगों को दिए जाने का आरोप लगाते हुए विधायक के कामकाज पर नाराजगी जताई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विधायक विवेक पटेल का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
तीन जूते मारूंगा’ बयान से बढ़ा विवाद
विकास कार्यों को लेकर शुरू हुई नाराजगी उस समय विवाद में बदल गई, जब नगपुरे ने सार्वजनिक मंच से विधायक के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “तीन जूते मारूंगा।” अपने ही दल के निर्वाचित विधायक के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस घटना ने कांग्रेस के स्थानीय संगठन में आपसी तालमेल और नेताओं के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस बयान पर क्या रुख अपनाता है और संबंधित नेताओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
भाजपा के पूर्व मंत्री की तारीफ भी चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम का एक और पहलू राजनीतिक चर्चा का कारण बना। रामकुमार नगपुरे ने अपने संबोधन के दौरान भाजपा के पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के कार्यकाल की तारीफ की। एक ओर अपनी ही पार्टी के विधायक के कामकाज पर सवाल और दूसरी ओर विपक्षी दल के पूर्व मंत्री की प्रशंसा ने इस मामले को और चर्चित बना दिया है। बालाघाट की इस घटना के बाद अब निगाहें कांग्रेस संगठन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। फिलहाल, मंच से दिए गए बयान और विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोपों ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।