Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Apr, 2026 06:50 PM

मध्य प्रदेश की सियासत में दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का मामला इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है।
भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत में दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का मामला इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। अदालत से सजा मिलने के बाद उनकी विधायकी समाप्त करने का आदेश जारी होते ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। एक तरफ कांग्रेस इसे सियासी साजिश बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।
दिल्ली तक पहुंचा मामला, बड़े वकील संभालेंगे केस
अब इस पूरे घटनाक्रम में बड़ा मोड़ तब आया जब कांग्रेस की टॉप लीडरशिप भी सक्रिय हो गई। पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को पैरवी की जिम्मेदारी दी है। उनके साथ देश के दिग्गज वकील कपिल सिब्बल भी इस केस में शामिल होंगे।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई है। इसी के आधार पर विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की और इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग को भेज दी गई।
अब क्या विकल्प बचे हैं?
राजेंद्र भारती के पास फिलहाल सबसे बड़ा विकल्प हाईकोर्ट में अपील का है। उनके परिवार के मुताबिक, जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि हाईकोर्ट सजा पर रोक लगा देता है, तो उनकी विधायकी बच सकती है। वहीं, राहत नहीं मिलने की स्थिति में उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
60 दिन का समय, राहत की उम्मीद
कानून के तहत अपील के लिए उन्हें 60 दिन का समय मिला है। इस दौरान उनकी सजा को अस्थायी रूप से स्थगित रखा जा सकता है, यानी फिलहाल जेल जाने की नौबत नहीं आएगी। लेकिन अंतिम फैसला हाईकोर्ट के रुख पर ही निर्भर करेगा।
कांग्रेस का आरोप—राजनीतिक साजिश
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर सीधा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जैसे राहुल गांधी को अदालत से राहत मिली थी, वैसे ही राजेंद्र भारती को भी न्याय मिलेगा। उनका आरोप है कि राज्यसभा चुनाव को देखते हुए जल्दबाजी में कार्रवाई की गई।
बीजेपी का जवाब—कानून से ऊपर कोई नहीं
वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई अदालत के फैसले के आधार पर हुई है और इसमें किसी भी तरह की साजिश नहीं है। बीजेपी नेताओं का साफ कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और गलती करने पर सजा तय है।