Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Sep, 2026 02:55 PM

कांग्रेस में शामिल होने के दौरान ढाल दास के साथ पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
रायपुर। (पुष्पेंद्र सिंह): छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे और भाजपा सरकार में मंत्री गुरु खुशवंत साहब के बड़े भाई ढाल दास कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। ढाल दास ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की सदस्यता ली। इस दौरान भूपेश बघेल ने उन्हें कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। कांग्रेस में शामिल होने के दौरान ढाल दास के साथ पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उनके कांग्रेस में आने को प्रदेश की सियासत में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। खास बात यह है कि ढाल दास के छोटे भाई गुरु खुशवंत साहब मौजूदा भाजपा सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में एक ही परिवार के दो प्रमुख सदस्यों का अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ होना चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
गुरु बालदास का सतनामी समाज में खासा प्रभाव माना जाता है। खासकर मध्य छत्तीसगढ़ में समाज के बीच उनकी मजबूत सामाजिक पकड़ रही है। ऐसे में उनके बड़े बेटे ढाल दास का कांग्रेस में शामिल होना कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस इस घटनाक्रम को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देख रही है। वहीं, भाजपा सरकार में मंत्री गुरु खुशवंत साहब के भाई के कांग्रेस में जाने के बाद इसके राजनीतिक असर को लेकर प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ी हलचल
ढाल दास के कांग्रेस प्रवेश के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी और चर्चाओं का दौर तेज होने की संभावना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि उनके कांग्रेस में शामिल होने का सतनामी समाज और प्रदेश की राजनीति पर कितना प्रभाव पड़ता है।