Edited By meena, Updated: 22 Sep, 2026 08:35 PM

दतिया बीजेपी जिलाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भाजपा में कई नामों के बीच हो रही असमंजस स्थिति को विराम देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने सबसे पुराना और अनुभवी...
दतिया : दतिया बीजेपी जिलाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भाजपा में कई नामों के बीच हो रही असमंजस स्थिति को विराम देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने सबसे पुराना और अनुभवी चेहरा मानवेंद्र सिंह परिहार के नाम पर मोहर लगाई है। परिहार भाजपा के पुराने कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला महामंत्री रहे परिहार को संगठन का सबसे मजबूत चेहरा माना गया है।
संगठन में लंबा अनुभव
मानवेंद्र सिंह परिहार लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। पूर्व जिला महामंत्री रहते हुए उन्होंने पार्टी के कई बड़े कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित किया है। संगठन में उनकी पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सीधी पहुंच को ही उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
नरोत्तम मिश्रा से राजनीतिक दूरी - बनी है ताकत
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मानवेंद्र सिंह परिहार को ऐसे नेताओं में गिना जाता है, जिनकी पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से राजनीतिक दूरी रही है। वर्तमान राजनीतिक समीकरणों में इसे परिहार के लिए प्लस पॉइंट रहा है। पार्टी नए समीकरण और गुटबाजी से हटकर एक ऐसे चेहरे पर दांव खेला है जो सभी को साथ लेकर चल सके।
जातीय समीकरण भी पक्ष में
सूत्रों के अनुसार संगठन में परिहार को प्रदेश प्रभारी और क्षेत्रीय संगठन मंत्री के सजातीय होने का लाभ मिला है। दतिया में क्षत्रिय वोट बैंक अहम भूमिका निभाता है और परिहार इसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में सामाजिक और संगठनात्मक दोनों स्तर पर उनका पलड़ा भारी माना गया है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
परिहार के नाम की चर्चा से स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पुराने कार्यकर्ता उन्हें "अनुभव और अनुशासन का चेहरा" मानते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि "परिहार जी जमीनी नेता हैं, हमेशा कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में खड़े रहते हैं"। अनुभव के दांव के रूप में मानवेंद्र सिंह परिहार का नाम सबसे मजबूत भी था।