भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा, सिंधिया का जलवा बरकरार, समर्थकों को मिली अहम जिम्मेदारियां

Edited By meena, Updated: 13 Jan, 2026 12:57 PM

bjp executive committee announced in shivpuri

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शिवपुरी भाजपा जिला कार्यकारिणी की घोषणा हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की हरी झंडी मिलने के बाद जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव ने जिला कार्यकारिणी की सूची जारी की...

शिवपुरी : लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शिवपुरी भाजपा जिला कार्यकारिणी की घोषणा हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की हरी झंडी मिलने के बाद जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव ने जिला कार्यकारिणी की सूची जारी की। इस सूची में 8 जिला उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इस सूची को संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

मुख्य पदों पर सिंधिया समर्थकों को मिली जिम्मेदारी

इस कार्यकारिणी की सबसे खास बात यह रही कि प्रमुख पदों पर उन्हीं नेताओं और कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है, जिन्हें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का करीबी माना जाता है। इससे यह साफ संकेत मिला है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का जलवा बरकरार है और शिवपुरी जिले में संगठनात्मक रूप से समर्थकों की स्थिति मजबूत बनी हुई है। राजनीतिक गलियारों में इसे गुटीय संतुलन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्रियों के नाम घोषित

जिला उपाध्यक्ष पद पर हेमंत ओझा, नबाब सिंह कुशवाह, इंजीनियर गोपाल सिंह पाल, सालिकराम कुशवाह, पूनम राजौरिया, हेमलता रावत, भूपेन्द्र सिंह यादव और पवन लोधी को जिम्मेदारी दी गई है। महामंत्री के रूप में योगेन्द्र रघुवंशी उर्फ बंटी, केपी परमार और लवलेश जैन चीनू को नियुक्त किया गया है। वहीं जिला मंत्री पद पर डॉ. रश्मी गुप्ता, अवतार सिंह गुर्जर, प्रद्युम्न वर्मा, कृष्णबिहारी गुप्ता, धर्मेन्द्र रावत, नीरज तोमर, दीपा बंसल और लक्ष्मी जाटव को शामिल किया गया है।

महामंत्री पद की खींचतान पर पूर्ण विराम

बताया जा रहा है कि जिला महामंत्री पद को लेकर ही यह सूची कई महीनों से अटकी हुई थी। अलग-अलग गुटों के बीच जोर आजमाइश चल रही थी, लेकिन अंततः सिंधिया निष्ठ कार्यकर्ताओं को ही अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं। योगेन्द्र रघुवंशी लंबे समय से सिंधिया के करीबी माने जाते हैं और कांग्रेस छोड़कर उनके साथ भाजपा में आए थे। वहीं केपी परमार पहले यशोधरा राजे सिंधिया के करीबी रहे, लेकिन बाद में सिंधिया खेमे में शामिल हो गए। लवलेश जैन चीनू भी सिंधिया समर्थक माने जाते हैं। इसके अलावा कुछ पदाधिकारियों को पूर्व की तरह दोबारा जिम्मेदारी देकर संगठन में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की गई है।

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