Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Mar, 2026 11:48 AM

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जिला अदालत ने बहुचर्चित डोडाचूरा तस्करी मामले में सख्त फैसला सुनाया है।
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जिला अदालत ने बहुचर्चित डोडाचूरा तस्करी मामले में सख्त फैसला सुनाया है। रतलाम के बीजेपी से निष्कासित नेता विवेक पोरवाल और उसके साथी संदीप तोमर को कोर्ट ने 14-14 साल के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला 23 सितंबर 2022 का है, जब मोहना थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में भारी मात्रा में डोडाचूरा ले जाया जा रहा है। पुलिस ने एबी रोड पर चेकिंग के दौरान ट्रक को रोका और तलाशी ली।
जांच में सामने आया कि ट्रक में मक्के की भूसी की बोरियों के नीचे 76 प्लास्टिक की बोरियों में 1900 किलो डोडाचूरा छिपाकर रखा गया था। मौके से आरोपी संदीप तोमर को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह डोडाचूरा असम के दीमापुर से लाया गया था और इसे मंदसौर और नीमच में सप्लाई किया जाना था। जांच के दौरान विवेक पोरवाल की भूमिका सामने आई, जो इस पूरे नेटवर्क में पैसों के लेन-देन और कोऑर्डिनेशन संभाल रहा था। कोर्ट में उसके खिलाफ बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया चैट जैसे अहम डिजिटल सबूत पेश किए गए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद बीजेपी ने भी विवेक पोरवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अपर लोक अभियोजक की दलीलों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है।
हालांकि, इस मामले में एक अन्य आरोपी बृजेश सिंह सिकरवार अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। कुल मिलाकर, यह फैसला प्रदेश में नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।