Edited By Desh Raj, Updated: 28 Mar, 2026 08:42 PM

मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों की शुरूआत भाजपा ने कर दी है।आए दिन पदाधिकारिओं का ऐलान पार्टी कर रही है और खुद को प्रदेश में मजबूत टीम के साथ आगे बढ़ा जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा ने ग्वालियर की सियासत में प्रभाव रखने वाले जयभान सिंह...
(भोपाल): मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों की शुरूआत भाजपा ने कर दी है।आए दिन पदाधिकारिओं का ऐलान पार्टी कर रही है और खुद को प्रदेश में मजबूत टीम के साथ आगे बढ़ा जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा ने ग्वालियर की सियासत में प्रभाव रखने वाले जयभान सिंह पवैया को वित्त आयोग का अध्यक्ष के तौर पर तैनाती दी थी और साथ ही दूसरी नियुक्तियो के लिए भी पार्टी तैयार है।
सिंधिया समर्थक नियुक्तियों में आ रहे आड़े
वैसे भाजपा ने नवरात्रि में निगम मंडलों में नियुक्तियों के संकेत दे दिए थे, लेकिन अब एलानों में एक अड़चन आती दिख रही है। जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक नियुक्तियों में अब सिंधिया समर्थक रोड़ा बनते दिख रहे हैं। मतलब कि कुछ सिधिया समर्थकों के कारण निगमों मंडलों और प्राधिकरणों में नियुक्तियां लटक गई हैं। निगम-मंडलों आयोग में पद पाने के लिए दूसरे बड़े नेताओं के साथ ही अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक भी मैदान में हैं।
अपने समर्थको ंको पद चाहते हैं सिंधिया
सूत्रों के मुताबिक महाराज सिंधिया ने अपने 5 समर्थकों को निगम-मंडल में पोस्ट देने के लिए प्रदेश संगठन के माध्यम से सीएम मोहन यादव के पास नाम भेजे थे। इनमें से कुछ नामों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन 2 से 3 नामों पर क्षेत्रीय संतुलन की वजह से मुहर नहीं लग पा रही है। इसको लेकर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री यादव से भी मुलाकात की है। पार्टी सूत्रों की मानें तो केन्द्रीय गाइडलाइन की वजह से सिंधिया समर्थकों के नामों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इन्हीं 2 नामों पर सहमति नहीं बनने से नियुक्तियों पर ब्रेक लग गया है।