Edited By Desh Raj, Updated: 25 Mar, 2026 07:13 PM

मध्य प्रदेश में संघ अभी से विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए प्लानिंग में जुट चुका है। संघ ने पार्टी को और मजबूत करने के लिए मोर्चा संभाल भी लिया है। दरअसल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी जिन विधानसभा सीटों पर हारी हैं और साथ ही...
(डेस्क): मध्य प्रदेश में संघ अभी से विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए प्लानिंग में जुट चुका है। संघ ने पार्टी को और मजबूत करने के लिए मोर्चा संभाल भी लिया है। दरअसल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी जिन विधानसभा सीटों पर हारी हैं और साथ ही वर्तमान में जिन सीटों पर कमजोर दिख रही है उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मंथन करना शुरु कर दिया है। संघ ने इसके लिए मोर्चा संभाल लिया है और पार्टी संगठन की स्थिति मजबूत करने के लिए जुट गया है।
BJP की कमजोर सीटों पर पूर्णकालिकों को तैनात करेगा RSS
जानकारी के मुताबिक संघ 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव और 2028 में विधानसभा चुनाव के लिए अभी रणनीति में जुट गया है। संघ भाजपा की कमजोर सीटों पर अपने पूर्णकालिकों और वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय करने में जुट गया है। रणनीति के मुताबिक संघ के वरिष्ठ नेता सीधे तौर पर चुनावी क्षेत्रों की कमान संभालेंगे और कमजोर क्षेत्रों में पार्टी को सशक्त करेंगे। पार्टी ने ऐसे विधानसभा क्षेत्रों को चुना है जहां पर उनके विधायक पहले से कमजोर हुए है और कांग्रेस के विधायक वहां पर निर्वाचित हुए हैं ।
रणनीति से विधायकों को कराया जाएगा अवगत
संघ की इस रणनीति के अनुसार पूर्णकालिकों और नेताओं को मैदान पर भेजने के पहले कमजोर आंके जा रहे विधायकों की बैठक भोपाल में बुलाई जाएगी और उन्हें अपने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने को लेकर बोला जाएगा। वहीं इसके साथ ही कांग्रेस से बीजेपी में आए कार्यकर्ताओं औऱ नेताओं के साथ पुराने कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बैठाने को लेकर भी समन्वय बनाने पर फोकस होगा। वहीं खबर ये भी है कि निकाय चुनावों के टिकट संभागीय स्तर पर ही तय किए जाएंगे।
संघ का विशेष अभियान
वहीं भाजपा के उम्मीदवारों की स्थिति को सुधारने के लिए संघ कार्यकर्ता डोर-टू-डोर अभियान भी चलाएंगे। पार्टी संगठन और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने तथा कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। लिहाजा 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी संघ अभी से मैदानी स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गया है।