Edited By Desh Raj, Updated: 13 Mar, 2026 06:33 PM

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए मैदान सजने लगा है अब दोनों दलों की ओर से इसके लिए सियासी हलचल तेज हो रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों में उम्मीदवारों को लेकर दावेदारों की कतार भी सक्रिय हो रही है।इनमें भाजपा के खाते की दो सीटें और...
(भोपाल): मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए मैदान सजने लगा है अब दोनों दलों की ओर से इसके लिए सियासी हलचल तेज हो रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों में उम्मीदवारों को लेकर दावेदारों की कतार भी सक्रिय हो रही है।इनमें भाजपा के खाते की दो सीटें और कांग्रेस की एक सीट है। राज्यसभा में जाने के लिए नेताओं ने चौसर बिछानी शुरू कर दी है।
इस तरह प्रदेश में आने वाले तीन महीने राजनीतिक माहौल उफान पर होगा। सूत्रों की मानें तो राज्यसभा के लिए इस बार नाम तय कर पाना सत्ताधारी भाजपा के साथ ही कांग्रेस के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। कांग्रेस के लिए मुश्किल ऐसे भी होगा क्योंकि दिग्विजय ने पहले ही राज्यसभा जाने से इंकार कर दिया है। जिससे कांग्रेस में दावेदारों ने अपने तरीके से दावेदारी के लिए बिसातें बिछानी शुरु कर दी हैं। वहीं भाजपा के संभावितों की भी हलचल शुरु हो गई है।
राज्यसभा जाने के लिए भाजपा के भी कई दिग्गज कर रहे कोशिश
अगर खाली हो रही सीटों की बात करें तो दो सीटों पर भाजपा के डॉ.सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन सांसद हैं। लेकिन अबकी बार भाजपा के कई सीनियर नेता उच्च सदन में जाने के लिए अभी से कोशिश में लग गए है। इनको भी पार्टी मौका दे सकती है।
पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में गृह, कानून, कारागार और संसदीय मामलों के कद्दावर मंत्री रहे चुके हैं। वे दतिया विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक बने हैं। मिश्रा का राजनीतिक सफर वैसे दतिया से शुरू हुआ था लेकिन मध्य प्रदेश की राजनीति में उनकी छवी एक दिग्गज के तौर पर रही है। शिवराज सिंह चौहान सरकार में वो एक पावरफुल और प्रभावशाली मंत्री के तौर पर जाने जाते थे। उनकी अलग छवी और अंदाज से हर कोई वाकिफ है।
जयभान सिंह पवैया
वहीं बात करें दूसरे नेता की तो जयभाव सिंह पवैया भी इस कतार में हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे जयभान सिंह पवैया भाजपा के दिग्गज नेता हैं। वह लंबे समय तक स्वयं सेवक संघ से भी जुड़े रहे हैं। ग्वालियर में जन्मे जयभान ग्वालियर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं । गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से जयभान सिंह पवैया वर्ष 2014 में बीजेपी टिकट पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। उस समय सिंधिया कांग्रेस में हुआ करते थे।
लाल सिंह आर्य
वहीं इस कड़ी में बीजेपी नेता लाल सिंह आर्य भी पीछे नहीं हैं। संघ के स्वयंसेवक से राजनेता बनने तक की दास्तान किसी से छिपी नहीं है। लालसिंह आर्य ने गरीब परिवार से उठकर संघ और भाजपा के वरिष्ठ नेता बनने तक का सफर तय किया है।
हालांकि इस मामले में भाजपा ने फिलहाल मौन साध रखा है लेकिन पार्टी के सीनियर लीडर ने साफ किया है कि आने वाले समय में इस संबंध में उचित निर्णय पार्टी का नेतृत्व लेगा। वैसे जी कुरियन को पार्टी फिर मौका दे सकती है क्योंकि वो इस समय केन्द्र सरकार में मंत्री है। जहां तक सुमेर सिंह सोलंकी का सवाल है वे प्रदेश भाजपा महामंत्री हैं। कुछ समय पूर्व ही उन्हें हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नई टीम में भी शामिल किया है।