Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Nov, 2025 12:53 PM

क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिया कि अगर जुनून और जज़्बा सच्चा हो, तो छोटा कस्बा भी विश्व मानचित्र पर चमक सकता है
छतरपुर। (राजेश चौरसिया): यह गर्व और रोमांच का क्षण है। क्योंकि आज पूरी दुनिया देख रही है बुंदेलखंड की शेरनी, क्रांति गौड़ को, जो अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप के फाइनल तक ले आई हैं। घुवारा (छतरपुर) की इस प्रतिभाशाली गेंदबाज ने अपनी घातक स्पिन और दमदार हौसले से सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। एलिसा हीली का विकेट झटकते ही मैच का रुख पलट गया — और उस पल बुंदेलखंड ही नहीं, पूरा भारत झूम उठा।
क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिया कि अगर जुनून और जज़्बा सच्चा हो, तो छोटा कस्बा भी विश्व मानचित्र पर चमक सकता है। उनकी मेहनत और समर्पण ने न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
आज जब पूरा भारत अपनी बेटियों के इस ऐतिहासिक फाइनल के लिए दुआ कर रहा है, तब छतरपुर और बुंदेलखंड की माटी भी कह रही है —
"चलो बेटी, इतिहास रच दो!