मप्र स्टार्ट-अप समिट-2026 : CM मोहन ने सफल और विकासशील स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को दिए अवार्ड

Edited By meena, Updated: 12 Jan, 2026 05:41 PM

cm mohan presented awards to the founders and incubators of successful and devel

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन काल से ही हम व्यापार-व्यवसाय की भरपूर समझ रखते हैं, क्योंकि पुरूषार्थ, उद्यमिता, नवाचार और व्यापार हम भारतीयों के संस्कारों में ही...

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन काल से ही हम व्यापार-व्यवसाय की भरपूर समझ रखते हैं, क्योंकि पुरूषार्थ, उद्यमिता, नवाचार और व्यापार हम भारतीयों के संस्कारों में ही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नए-नए अवसरों का प्रदेश है। युवा ही देश को नई सोच और नई दिशा की ओर ले जाते हैं। इनके नवाचार ही विकास का आधार बनते हैं। इसलिए नवाचारों को प्रोत्साहन देना, हमने हमारा संकल्प निहित किया है। भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई है, जो देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। कुल निर्यात में एमएसएमई की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय है। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा देश, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सबके सहयोग से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित 2 दिवसीय मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 को संबोधित कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रूपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रूपए से अधिक की ऋण राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न सफल और विकासशील स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को सम्मानित किया। समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के साथ फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के साथ पंचवर्षीय एमओयू सहित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कार्वी स्टार्ट-अप लैब्स और स्टार्ट- अप मिडिल ईस्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्थापित सफल स्टार्ट-अप पर केंद्रित एक बुकलेट का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 4 स्टार्ट-अप के फाउंडर्स को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना एवं म.प्र. स्टार्ट-अप नीति तथा कार्यान्वयन योजना-2025 में क्रमश: बैंक ऋण और निवेश सहायता राशि प्रदान की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि युवा साथियों के स्टार्ट-अप के प्रोत्साहन के लिए यह 2 दिवसीय आयोजन अद्भुत है। अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर भारत ने आज नया मुकाम हासिल किया है। इसमें सभी कुशाग्र बुद्धिवाले युवाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि देश के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने सबसे पहले दुनिया को बताया कि पौधों में प्राण होते हैं। उन्होंने कैस्ट्रोग्राफी के माध्यम से पौधों जीवन से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठाया था। वैज्ञानिक डॉ. बोस वर्ष 1895 में कलकत्ता में तरंगों की खोज का डेमोस्ट्रेशन किया था। इसके बाद मार्कोनी को इसी खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला, यद्यपि यह खोज डॉ. बोस ने ही की थी। अंतर सिर्फ इतना था कि उनके स्टार्ट-अप को हमारे लोगों ने पहचान नहीं दिलाई। उनके कार्य को दो-दो वैज्ञानिकों ने अनुसरण किया। लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में सभी तरह के स्टार्ट-अप और रिसर्च को प्रोत्साहन मिल रहा है। वर्ष 2022 में इंदौर से इस कार्य के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया गया। नवाचारों और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने वाली नीतियां मध्यप्रदेश में लागू हैं। आज इंदौर में ही 2200 से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा निरंतर नवाचार कर रहे हैं। राज्य सरकार जीवन की मूलभूल समस्याओं का समाधान करने के साथ सभी प्रकार के नवाचारों को भी प्रोत्साहित कर रही है। भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारों भी लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं के दम पर हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी और फिर नंबर-1 अर्थव्यवस्था बनकर रहेंगे।

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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि युवा शक्ति अपनी क्षमताओं के बल पर दुनिया को बदल सकती है। स्वामी विवेकानंद ऐसे संत थे, जिन्होंने युवा शक्ति को पहचाना और उन्हें राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया। बाल्यकाल में मिलने वाली हार-जीत से हमें भविष्य की सीख मिलती है। राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप पॉलिसी 2025 में नवाचारों को प्रोत्साहित करने की शुरुआत की है। नए विचारों के साथ स्टार्ट-अप शुरू करने वाले उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 10 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार हर वक्त नए स्टार्ट-अप और नए आइडियाज के साथ खड़ी है। प्रदेश में कृषि, उद्यमिता, नगरीय निकायों में नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अब नवाचारों और अवसरों का प्रदेश बन चुका है।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा थे। आज जेन-जी और जेन-अल्फा की दुनिया के युवा स्टार्ट-अप स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 16 जनवरी 2016 को भारत में स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया की शुरुआत की। अब राज्य सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि स्टार्ट-अप की सभी समस्याएं इनमें समाहित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप को विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जाने के साथ कंपनी स्थापना में भी सहयोग प्रदान किया जाता है। प्रदेश में अब एक दिन में कोई कंपनी शुरू हो सकती है, जबकि जर्मनी जैसे विकसित देश में इसके लिए 22 दिन लगते हैं। देश के युवाओं की कल्पना को आकार देने का काम स्टार्ट-अप ने किया है। युवाओं के सपनों को नए पंख लग गए हैं और वे जॉब क्रिएटर बन चुके हैं। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है। स्टार्ट-अप ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊड़ान दी है। हमारी समस्याओं को हमारे बीच के नवाचारी उद्यमी ही समझ सकते हैं। युवा उद्यमी समाज की समास्याओं को पहचानें और स्टार्ट-अप के माध्यम से उन्हें सॉल्व करें। तकनीक से स्वयं को हमेशा अपडेट रखें। असफलता से कभी न डरें। राज्य सरकार युवाओं के साथ नवाचारी आइडियाज पर काम करने के लिए हमेशा तैयार है।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। यहां 1.59 लाख से अधिक डीपीआईआईटी स्टार्ट-अप रजिस्टर्ड हैं। साथ ही 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं, जिनका एक बिलियन डॉलर से अधिक का टर्नओवर है। युवाओं को 16 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 6500 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से 3100 से अधिक स्टार्ट-अप को महिलाएं लीड कर रही है। राज्य सरकार ने पिछले साल नई स्टार्ट-अप नीति लागू की है। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेक्टर में लीडर स्टेट है। राज्य सरकार नवाचारी सोच के साथ स्टार्ट-अप की संख्या 10 हजार तक पहुंचाना चाहती हैं। स्टार्ट-अप को फंड्स का ग्रांट और इंसेंटिव सब्सिडी दी जा रही है। मध्यप्रदेश में संचालित 47 प्रतिशत स्टार्ट-अप का नेतृत्व महिलाओं के हाथों में है। हमारी महिलाएं भी अच्छी उद्यमी बन सकती हैं। प्रदेश के युवा आज नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमी बन रहे हैं। स्टार्ट-अप को इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से सपोर्ट प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के साथ बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के प्रति भी जागरुक किया जा रहा है। "इंश्योरेंस देखो" स्टार्ट-अप के फाउंडर एंड सीईओ युवा उद्यमी अंकित अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान युवा उद्यमी देश की सभी समस्याओं को दूर करने पर ध्यान देता है। युवा उद्यमी आइडिया लेकर आएंगे, तो केंद्र और राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना युवाओं को आगे बढ़ने की राह दिखाती है।

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आविष्कार ग्रुप स्टार्ट-अप के फाउंडर विनीत राय ने कहा कि वे आईआईएफएम से पढ़ाई करने के बाद 30 साल बाद भोपाल लौटे हैं। उन्होंने बताया कि 5000 रुपए से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। उद्यम क्षेत्र में सफलता-असफलता मिलती ही रहती है। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि सिर्फ पैसा बनाने के बारे में ही नहीं सोचना है, बल्कि अपने जीवन मूल्यों को भी हमेशा साथ रखना है। यही सफलता की कुंजी है।

स्टार्ट-अप समिट में आयुक्त एमएसएमई दिलीप कुमार, अंजु गुप्ता, अनुराग असाटी, आदित्य चौरसिया, डॉ. मयूर सेठी, महावीर प्रताप शर्मा, खुशवंत जैन, प्रदीप करमबेलकर, अर्चना जहांगीरदार सहित बड़ी संख्या में युवा उद्यमी उपस्थित थे।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन परिसर में ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा स्टार्ट-अप की विशाल प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी स्टाल्स में जाकर स्टार्ट-अप की जानकारी ली और फाउंडर्स को नवाचारों के लिए बधाई दी।

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता

  • सर्वश्रेष्ठ युवा उद्यमी कैटेगरी : इशिता मोदी वरुण रहेजा, तेजस जैन,
  • सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी कैटेगरी : राशि बहल मेहरा, डॉ. हिमांशा सिंह, उर्वशी पोरवाल
  • सर्वश्रेष्ठ ग्रोथ स्टार्ट-अप कैटेगरी में : आरिफ कुरैशी, सावन लड्डा, आरती एवं गोविंद अग्रवाल
  • अर्ली स्टेट्स स्टार्ट-अप कैटेगरी : पुल्ला क्रजवानी, यश सेठिया, श्रुति गर्ग
  • बेस्ट इनोवेशन स्टार्ट-अप कैटेगरी : भरत कृतवानी, शुभम सिंह, प्रतीक वत्स, दीपेश श्रीवास्तव
  • बेस्ट रुरल स्टार्ट-अप कैटेगरी : वंदना मिश्रा, आशी बिथरे, डॉ. विशेष कासलीवाल
  • बेस्ट इंक्यूबेटर्स कैटेगरी : रोनॉल्ड फर्नांडिस, डॉ. आकाश राय, डॉ. क्रिस्ट पॉल, डॉ. अनुराग राय

इन्हें मिला हैकेथॉन अवॉर्ड

  • कोड इट कैटेगरी : विनर राहुल राय, रनर-अप जयेश टोटले
  • बिल्ड इट केटैगरी: विनर मुस्कान खरे, रनर-अप पलक रघुवंशी
  • शिप इट कैटेगरी: विनर डॉ. निलय शर्मा, रनर-अप सुनीता रघुवंशी

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