Edited By meena, Updated: 24 Mar, 2026 07:45 PM

धमधा नगर स्थित गौड़ समाज के ऐतिहासिक स्थल, त्रिमूर्ति महामाया मंदिर से लगे प्राचीन महलनुमा परिसर में नवरात्रि के दौरान दीप प्रज्वलन को लेकर उपजा विवाद फिलहाल शांत हो गया है...
धमधा (हेमंत पाल) : धमधा नगर स्थित गौड़ समाज के ऐतिहासिक स्थल, त्रिमूर्ति महामाया मंदिर से लगे प्राचीन महलनुमा परिसर में नवरात्रि के दौरान दीप प्रज्वलन को लेकर उपजा विवाद फिलहाल शांत हो गया है। यह देवस्थल स्थानीय समाज की आराध्य देवी-देवताओं का प्रतीक माना जाता है और वर्षों से यहां विशेष अवसरों पर दीप प्रज्वलन की परंपरा निभाई जाती रही है।
परंपरा और अधिकार को लेकर आमने-सामने आए पक्ष
नवरात्रि के पावन अवसर पर दीप जलाने की परंपरा को लेकर समाज के दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। एक पक्ष का दावा था कि यह धार्मिक परंपरा उनके पूर्वजों से जुड़ी है और वर्षों से वही इस अनुष्ठान को निभाते आए हैं। वहीं दूसरा पक्ष भी समान अधिकार का दावा करते हुए इस धार्मिक क्रिया में भागीदारी की बात पर अडिग रहा। मामला बढ़ने की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनने लगी थी। स्थानीय लोगों में यह चिंता थी कि यदि समय रहते पहल नहीं की गई तो विवाद गहरा सकता है।
प्रशासन की त्वरित पहल, बुलाई गई संयुक्त बैठक
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया। रविवार शाम प्रशासनिक एवं सामाजिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सोनल डेविड (एसडीएम धमधा), डॉ. चित्रा वर्मा (एसडीओपी), राम नारायण ध्रुव (थाना प्रभारी धमधा) सहित समाज के दोनों पक्षों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में सभी पक्षों को शांति, संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की समझाइश दी गई। विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष दीप प्रज्वलन का कार्य प्रशासन की ओर से किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो और परंपरा भी निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके।
पंचमी पर प्रशासन ने निभाई जिम्मेदारी
निर्णय के अनुरूप पंचमी के दिन थाना प्रभारी राम नारायण ध्रुव ने स्वयं विधि-विधानपूर्वक दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर एडिशनल एसपी मणि शंकर चंद्र, एसडीओपी सहित पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। प्रशासन की सतर्कता और उपस्थिति के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
फिलहाल स्थिति सामान्य
सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक निर्णय के बाद दोनों पक्षों ने संयम का परिचय दिया और शांति बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। वर्तमान में स्थल पर एहतियातन पुलिस बल तैनात है, लेकिन माहौल पूरी तरह शांत बताया जा रहा है। धमधा में घटित यह घटनाक्रम दर्शाता है कि संवेदनशील धार्मिक मामलों में संवाद, संतुलन और प्रशासनिक सक्रियता से समाधान संभव है। नवरात्रि का पर्व अब श्रद्धा, आस्था और सामाजिक सौहार्द के साथ आगे बढ़ रहा है।