Edited By meena, Updated: 12 Mar, 2026 07:19 PM

छतरपुर जिले में समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन को लेकर की जा रही तैयारियों के बीच फसल पंजीयन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले में समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन को लेकर की जा रही तैयारियों के बीच फसल पंजीयन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम पीरा में मौके पर पहुंचकर फसल पंजीयन का सत्यापन किया, जहां दस्तावेजों और खेत की वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसान जीतेन्द्र सिंह ने अपने खेतों के खसरा नंबर 33, 30, 29, 40 और 77 की करीब 9 हेक्टेयर भूमि पर मसूर की फसल का पंजीयन कराया है, जबकि मौके पर खेत में मसूर की जगह गेहूं की फसल खड़ी मिली। इतना ही नहीं, किसान का फसल पंजीयन बड़ामलहरा क्षेत्र में होने की बजाय गौरिहार क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति पचवरा में कराया गया था।
प्रभारी कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया ने मौके पर फसल का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि पीरा (बड़ामलहरा) का किसान गौरिहार की समिति में फसल बेचने के लिए पंजीयन क्यों कराएगा। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी कलेक्टर ने एसडीएम बड़ामलहरा को निर्देशित किया कि पटवारी हल्का पीरा गजेंद्र सिंह गौड़, सर्वेयर, संबंधित समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का कहना है कि समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में फसल पंजीयन और उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार निगरानी और मौके पर सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है।