स्कूल बाथरूम में कैमरा लगवाने पर निलंबित किए शिक्षक 7 महीने बाद बनाए गए प्राचार्य, बहाली के साथ मिला प्रोमोशन

Edited By Desh Raj, Updated: 04 Mar, 2026 07:10 PM

teacher suspended for installing camera in school bathroom appointed principal

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में बाथरूम में CCTV कैमरा लगवाने के मामले में निलंबित किए गए शिक्षक पर शिक्षा विभाग एक बार फिर मेहरबान नजर आ रहा है। बकस्वाहा के शासकीय सांदीपनी सीएम राइज स्कूल में शौचालय के अंदर कैमरा लगवाने के आरोपी शिक्षक राजेन्द्र...

छतरपुर (राजेश चौरसिया): मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में बाथरूम में CCTV कैमरा लगवाने के मामले में निलंबित किए गए शिक्षक पर शिक्षा विभाग एक बार फिर मेहरबान नजर आ रहा है। बकस्वाहा के शासकीय सांदीपनी सीएम राइज स्कूल में शौचालय के अंदर कैमरा लगवाने के आरोपी शिक्षक राजेन्द्र कुमार ताम्रकार को सात महीने बाद न केवल बहाल किया गया, बल्कि उन्हें हायर सेकेंडरी स्कूल ढड़ारी का प्राचार्य बना दिया गया है। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।

जुलाई 2025 में सामने आया था मामला..

जुलाई 2025 में बकस्वाहा स्थित शासकीय सांदीपनी सीएम राइज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के शौचालय में CCTV कैमरा लगे होने का वीडियो वायरल हुआ था। मामला बढ़ने पर कमिश्नर अनिल सुचारी ने छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल को जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने बकस्वाहा तहसीलदार भरत पांडे को मौके पर भेजा। जांच में शौचालय के अंदर कैमरा लगा पाया गया, जिसके बाद कैमरा लगवाने वाले शिक्षक राजेन्द्र कुमार ताम्रकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।

गोपनीयता और बच्चों की सुरक्षा पर उठे थे गंभीर सवाल..

शौचालय जैसे निजी स्थान में CCTV कैमरा लगाए जाने को लेकर अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बच्चों की निजता का गंभीर उल्लंघन है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। मामले में शिक्षक की मंशा को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे।

7 महीने बाद प्राचार्य पद की जिम्मेदारी..

अब करीब सात महीने बाद शिक्षा विभाग ने राजेन्द्र कुमार ताम्रकार को जिला मुख्यालय के पास स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल ढड़ारी का प्राचार्य नियुक्त कर दिया है। इस निर्णय के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जिन पर नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हों, उन्हें पदोन्नति जैसी जिम्मेदारी देना क्या उचित है? फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन फैसले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!