नशा देकर खाते से उड़ाए 2 लाख, घुमाने के बहाने ले गए थे आरोपी; 7 दिन से थाने की बेंच पर न्याय के लिए डटा पीड़ित

Edited By Vandana Khosla, Updated: 09 Apr, 2026 09:50 AM

the accused drugged and stole 2 lakh rupees from the account took the victim on

छतरपुर: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में से एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक व्यक्ति धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। पीड़ित को नशा देकर उसके खाते में से लाखों रूपए उड़ाए गए है। आरोपियों ने उसके खाते में...

छतरपुर: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में से एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक व्यक्ति धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। पीड़ित को नशा देकर उसके खाते में से लाखों रूपए उड़ाए गए है। आरोपियों ने उसके खाते में प्रधानमंत्री आवास और पेंशन की जमा पूंजी को साफ किया है। इस घटना के बाद से पीड़ित पिछले 7 दिनों से नौगांव थाने के बाहर एक बेंच पर ही डटे हुए हैं। न्याय के लिए गुहार लगा रहा है।

नशा देकर खाते से उड़ाई जिंदगी भर की जमा पूंजी
पीड़ित रवि चतुर्वेदी निवासी यूपी के अनुसार, चार से पांच लोगों ने रिश्तेदारी का झांसा देकर उसे नैगुवां ले जाकर घुमाया, जहां उसे नशा दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान बैंक खाते से करीब डेढ़ से दो लाख रुपए निकाल लिए गए। यह रकम प्रधानमंत्री आवास योजना और दिव्यांग पेंशन की पूरी जमा पूंजी थी। होश आने के बाद जब रवि बैंक पहुंचे, तो पता चला कि खाते का बैलेंस शून्य हो चुका है।

थाने के बाहर बेंच बना ठिकाना, भीख मांगकर गुजार रहे दिन
घटना के बाद से रवि चतुर्वेदी पिछले 7 दिनों से नौगांव थाने के बाहर एक बेंच पर ही डटे हुए हैं। दिन-रात वहीं बैठना, उसी बेंच पर सोना और आसपास से खाना मांगकर गुजारा करना- यही अब उनकी दिनचर्या बन गई है। उनकी आंखों में दर्द और आवाज में बेबसी साफ झलकती है। पीड़ित उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बेलाताल क्षेत्र के भोजपुर के पास रहने वाला है।

“पूरा पैसा चाहिए, समझौता नहीं”-पीड़ित
रवि का कहना है कि आरोपियों में जय सिंह राजपूत, छत्तू दीक्षित, कल्लू कुशवाहा और अशोक राजपूत शामिल हैं। आरोप है कि पुलिस आरोपियों को थाने लाकर समझौते का दबाव बनाती है और फिर छोड़ देती है। पहले 20-25 हजार और बाद में 2-4 हजार रुपए देने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। रवि का कहना हैं, “मुझे खर्च के लिए नहीं, मेरा पूरा पैसा चाहिए। जब तक पैसा वापस नहीं मिलेगा, मैं यहां से नहीं हटूंगा।”

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, न्याय का इंतजार..
पीड़ित का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है और कभी-कभी डराया-धमकाया भी जाता है। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल रवि चतुर्वेदी का यह मौन संघर्ष जारी है और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि आखिर उन्हें न्याय कब मिलेगा।

 

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