Edited By Vikas Tiwari, Updated: 02 Apr, 2026 07:56 PM

वाराणसी में विक्रमोत्सव-2026 के तहत सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 3 अप्रैल से तीन दिवसीय भव्य महानाट्य का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और...
भोपाल: वाराणसी में विक्रमोत्सव-2026 के तहत सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 3 अप्रैल से तीन दिवसीय भव्य महानाट्य का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य आतिथ्य में होगा।
बीएलडब्ल्यू मैदान में आयोजित इस महानाट्य की परिकल्पना डॉ. मोहन यादव की है। पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा रचित, राजेश कुशवाहा द्वारा निर्मित और संजीव मालवी के निर्देशन में तैयार यह प्रस्तुति भारतीय संस्कृति, परंपरा और इतिहास का जीवंत मंचन होगी। महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार भाग लेंगे, जिसमें हाथी, घोड़े, रथ, पालकी, युद्ध दृश्य, लाइट शो, आतिशबाजी और बाबा महाकाल की भस्म आरती की झलक दर्शकों को रोमांचित करेगी। इसमें सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर उनके राजतिलक, विक्रम-बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम के लिए तीन भव्य मंच तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें मुख्य मंच के साथ दो सहायक मंच शामिल हैं। अत्याधुनिक तकनीक, 400 से अधिक लाइट्स, एलईडी स्क्रीन और भव्य सेटअप इस आयोजन को और भव्य बनाएंगे। 10 से 15 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बाबा काशी विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अर्पित की जाएगी। यह घड़ी वैदिक समय गणना पर आधारित है, जिसमें मुहूर्त, कला और काष्ठा के माध्यम से समय का वैज्ञानिक विभाजन किया गया है। यह घड़ी 180 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध ऐप के साथ भी जुड़ी हुई है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण और ऐतिहासिक गौरव को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।