Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Apr, 2026 05:34 PM

Hanuman Jayanti के पावन अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ में भक्ति, उत्साह और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला।
भिलाई: Hanuman Jayanti के पावन अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ में भक्ति, उत्साह और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला। राजधानी रायपुर से लेकर भिलाई, दुर्ग, अंबिकापुर और बिलासपुर तक मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संकट मोचन हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला दिनभर चलता रहा।
भिलाई से एक बेहद खास तस्वीर सामने आई, जहां मुस्लिम युवाओं ने घड़ी चौक पर भगवा गमछा धारण कर श्रद्धालुओं के लिए शरबत और खिचड़ी का वितरण किया। इस दौरान “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ उन्होंने आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश भी दिया। यह पहल शहर में चर्चा का केंद्र बनी रही।
सेक्टर-9 स्थित हनुमान मंदिर में दोपहर तक श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने घंटों इंतजार कर भगवान के दर्शन किए। वहीं रायपुर के दूधाधारी मंदिर में हनुमानजी का विशेष श्रृंगार किया गया, जहां 108 कमल फूलों और “जय श्रीराम” लिखी पत्तियों की माला अर्पित की गई।
छोटापारा इलाके में बच्चों ने मंजीरा बजाते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिसने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। बिलासपुर के ऐतिहासिक श्री बजरंग पंचायत मंदिर में भी परंपरागत रूप से आयोजन हुआ, जहां वर्षों से हनुमानजी को साक्षी मानकर सामाजिक फैसले लिए जाते रहे हैं।
राज्यभर में जगह-जगह भंडारों का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आस्था, सेवा और सद्भाव के इस पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्योहार सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी माध्यम होते हैं।