Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Jul, 2026 01:34 PM
छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के असर से पूरे प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के असर से पूरे प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के अनेक हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश, आकाशीय बिजली और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने भी संभावित आपदा को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना बारिश की बड़ी वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर तटीय ओडिशा और उससे सटे गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा अवदाब लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में इसके उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ सक्रिय मानसून द्रोणिका भी प्रदेश के ऊपर प्रभावी बनी हुई है, जिससे लगातार नमी मिल रही है और तेज बारिश का दौर जारी है।
चांपा में सबसे ज्यादा बरसे बादल, रायपुर भी भीगा
बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 11 सेंटीमीटर वर्षा चांपा में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी रायपुर में लगभग 5 सेंटीमीटर बारिश ने लोगों को उमस से राहत दी। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया।
रायपुर में आज भी बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी रायपुर में पूरे दिन आसमान बादलों से ढका रहेगा। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
इन जिलों में भारी बारिश और 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन, आकाशीय बिजली और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
वहीं उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, रायपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, कबीरधाम, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
सामान्य से 18% कम बारिश, लेकिन राहत की उम्मीद
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश में अब तक हुई कुल मौसमी वर्षा सामान्य से 18 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की मौजूदा सक्रियता आने वाले दिनों में इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।
IMD की महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अनावश्यक यात्रा से बचने, आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने, तेज हवाओं के दौरान कमजोर भवनों से दूरी बनाए रखने और नदी-नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों से भी खेतों में काम करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने को कहा गया है। अगले दो दिन छत्तीसगढ़ के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।