MP में मानसून का बड़ा धमाका! इन 9 जिलों में 4 दिन मूसलाधार बारिश का अलर्ट

Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Jul, 2026 01:49 PM

mp weather alert imd issues 96 hour heavy rain warning in 9 districts

मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। कई दिनों की सुस्ती के बाद अब मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। कई दिनों की सुस्ती के बाद अब मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 96 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, आने वाले 48 घंटों में भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। इसी वजह से पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में मानसून ने दोबारा गति पकड़ ली है और अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले रहा है।

इन 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए रायसेन, नर्मदापुरम, खरगोन, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

प्रदेशभर में बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां

मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जिन इलाकों में अब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, वहां भी अगले एक-दो दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। यदि मौजूदा सिस्टम सक्रिय बना रहा तो सप्ताह के अंत तक पूरा मध्यप्रदेश मानसूनी बारिश से तरबतर हो सकता है।

कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय

फिलहाल प्रदेश के ऊपर कई मौसम प्रणालियां प्रभावी हैं। मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक मौसमी ट्रफ सक्रिय है, जबकि दक्षिणी मध्यप्रदेश से अरब सागर तक एक अन्य ट्रफ भी बनी हुई है। इसके अलावा 2 जुलाई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

रतलाम में गहराया पेयजल संकट

एक ओर जहां प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार खत्म होने वाला है, वहीं रतलाम जिले में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से पेयजल संकट गहरा गया है। शहर की जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत धोलावाड़ बांध अपने न्यूनतम जलस्तर पर पहुंच चुका है। जलस्तर कम होने से पानी की उपलब्धता लगातार घट रही है, जिससे आने वाले दिनों में जल संकट और बढ़ने की आशंका है।

मौसम विभाग की अपील

मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों पर नहीं रुकने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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