MP में मौसम विभाग की बड़ी भविष्यवाणी! कई जिलों में तबाही मचाएगी तेज आंधी-बारिश, 4 में हीटवेव का अलर्ट; रहें सावधान

Edited By Vandana Khosla, Updated: 23 Jun, 2026 01:33 PM

major weather forecast for mp strong storms and rain set to wreak

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की देरी अब किसानों और आम लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। जून का महीना लगभग सूखा बीत रहा है और प्रदेश में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक...

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की देरी अब किसानों और आम लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। जून का महीना लगभग सूखा बीत रहा है और प्रदेश में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 70.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 34.3 मिमी बारिश ही हुई है।

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर खरीफ फसलों की बोवनी पर पड़ रहा है। सोयाबीन समेत कई फसलों की बुवाई पिछड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बोवनी के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी जरूरी होती है और इसके लिए कम से कम 4 इंच बारिश की आवश्यकता होती है। फिलहाल पूरे प्रदेश में केवल भोपाल ऐसा जिला है, जहां 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां औसत से 71 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 33 प्रतिशत कम है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार मानसून तय समय से पीछे चल रहा है। हालांकि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। इसके बाद कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिलीं। धार जिले में करीब 2 इंच बारिश हुई, जबकि भोपाल में पौन इंच पानी गिरा। इंदौर, उज्जैन, खंडवा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, जबलपुर, सागर और सतना समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर बना रहा। तापमान की बात करें तो दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं, पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के किसान अब मानसून की सक्रियता का इंतजार कर रहे हैं। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की फसलों पर बड़ा असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि मानसून जल्द ही रफ्तार पकड़ेगा और प्रदेश को बारिश की राहत मिलेगी।

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