Edited By Desh sharma, Updated: 16 Sep, 2025 04:24 PM

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने एक अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पति के जिंदा रहते हुए प्रॉपटी में बीबी का हक नहीं है लेकिन पत्नी को बेदखल नहीं कर सकते है। कोर्ट ने साफ किया है कि बहुओं को उनके वैवाहिक घर से बेदखल नहीं किया जा सकता।
(MP DESK):हाईकोर्ट की एकल पीठ ने एक अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पति के जिंदा रहते हुए प्रॉपटी में बीबी का हक नहीं है लेकिन पत्नी को बेदखल नहीं कर सकते है। कोर्ट ने साफ किया है कि बहुओं को उनके वैवाहिक घर से बेदखल नहीं किया जा सकता। बहुएं पति के जीवनकाल में ससुराल की संपत्ति में भागीदार नहीं मानी जातीं, लेकिन उन्हें वैवाहिक घर में रहने का कानूनी के साथ ही मौलिक अधिकार है।
प्रीति शर्मा और पूजा शर्मा से जुड़ा है मामला
आपको बता दें कि प्रीति शर्मा और पूजा शर्मा ने अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ दावा किया था कि उन्हें उनके वैवाहिक घर से जबरन निकाले जाने की कोशिश की जा रही है। दोनों बहनों ने आरोप लगाया कि सास-ससुर और पति के दबाव में उन्हें घर से निकालने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने अदालत से मांग करते हुए कहा कि वे अपने वैवाहिक घर में रही हैं और उन्हें वहां से हटाना अवैधानिक होगा।
वहीं इनके खिलाफ सास सुमन शर्मा ने अर्जी लगाई थी। सास का कहना था कि बहुएं सहभाजक नहीं हैं, इसलिए उन्हें संपत्ति में कोई अधिकार नहीं है। वैसे अर्जी को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। इसे चुनौती देते हुए सास ने हाईकोर्ट में सिविल पुनरीक्षण दायर किया। सास की याचिका का विरोध करते हुए अधिवक्ता आरके सोनी ने कहा था कि वे मकान को बेचना चाहते हैं, इसलिए संपत्ति से बेदखल किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि बहुओं के अधिकारों की रक्षा जरुरी है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी विधिक प्रक्रिया को अपनाए महिला को उसके वैवाहिक घर से बाहर नहीं निकाला जा सकता। जस्टिस जीएस अहलुवालिया ने कहा कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पुत्र और पुत्री ही सहभाजक होते हैं, बहुएं नहीं, लेकिन, बहुओं का अपने पति के जीवनकाल में वैवाहिक घर में रहने का अधिकार सुरक्षित है।