Edited By meena, Updated: 08 Nov, 2025 07:49 PM

उज्जैन में ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर की रातें सर्द होती जा रही हैं। बीती रात न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया...
उज्जैन (विशाल सिंह) : उज्जैन में ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर की रातें सर्द होती जा रही हैं। बीती रात न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। सुबह-सुबह टहलने निकले लोगों को कड़कड़ाती ठंड का सामना करना पड़ा। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचते नजर आए। ठंड बढ़ने के साथ ही सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा के बाल रूप की सेवा में भी बदलाव किया गया है। भगवान को सर्दी का एहसास न हो, इसके लिए अब उन्हें ऊनी वस्त्र और स्वेटर पहनाए जा रहे हैं। साथ ही सुबह और शाम के समय गर्म भोजन का भोग लगाया जा रहा है। आश्रम परिसर में भगवान की प्रतिमाओं के समीप अंगीठी की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें ठंड का प्रभाव न पड़े।
पंडित कीर्ति व्यास के अनुसार, पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के इसी आश्रम में 11 वर्ष की आयु में शिक्षा प्राप्त की थी। इसलिए आज भी उनकी बाल रूप में सेवा की जाती है। सर्दियों के दौरान भगवान को गर्म दूध, गाजर का हलवा, जलेबी और गराडू का भोग अर्पित किया जाता है। वहीं शाम की आरती में बाफले, दाल, चावल और गर्म लड्डू का प्रसाद तैयार किया जाता है।
माना जाता है कि करीब 5200 वर्ष पहले भगवान कृष्ण महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन आए थे। यहीं उनकी मित्रता सुदामा जी से हुई और उन्होंने 64 दिनों में 64 विद्या तथा 16 कलाएं प्राप्त कीं। आज भी इस परंपरा को सजीव रखते हुए सांदीपनि आश्रम में भगवान के बाल स्वरूप की सेवा प्रेम और भक्ति भाव से की जाती है।