Edited By Desh sharma, Updated: 13 Jan, 2026 05:15 PM

मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की...
(भोपाल) : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए।
शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू
इस बैठक में मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए ये बड़ी खुशखबरी है। चतुर्थ समयमान से वंचित शिक्षकों को अब तक हर महीने तीन से पांच हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था लेकिन अब यह राशि उनके मासिक वेतन में जुड़ जाएगी। गौरतलब है कि शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करके यह मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के मौके पर चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान देने की घोषणा की थी।
द्वितीय चरण में सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी।
उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये
वहीं मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।