Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Jan, 2026 07:21 PM

स्वच्छता और सख्त प्रशासन के लिए देशभर में पहचान बना चुके इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
इंदौर। (सचिन बहरानी): स्वच्छता और सख्त प्रशासन के लिए देशभर में पहचान बना चुके इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सराफा जैसे सबसे व्यस्त और पॉश बाजार इलाके में भीख मांगने वाला एक भिखारी असल में करोड़पति निकला। हैरानी की बात यह है कि वह कार से उतरकर भिक्षावृत्ति करता था और अपनी हालत इतनी दयनीय दिखाता था कि लोग खुद-ब-खुद उसे पैसे दे देते थे।
जांच में सामने आया कि यह व्यक्ति पूरे इलाके में जानबूझकर घिसटते हुए घूमता था ताकि राहगीरों की नजर उस पर पड़े और सहानुभूति के नाम पर उसे मोटी रकम मिल सके। लेकिन उसकी किस्मत उस वक्त पलटी जब जिला प्रशासन के अधिकारियों की नजर उस पर पड़ी।
पूछताछ में उसने अपना नाम मांगीलाल बताया, लेकिन जब उसकी संपत्ति का खुलासा हुआ तो अधिकारी भी दंग रह गए। मांगीलाल के पास शहर में तीन मकान हैं, जिनमें से एक तीन मंजिला है। इसके अलावा उसके नाम पर एक फ्लैट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला एक मकान और एक स्विफ्ट डिज़ायर कार है, जिससे वह रोज भीख मांगने जाता था। इतना ही नहीं, उसने तीन ऑटो रिक्शा किराए पर दे रखे हैं, जिनसे उसे नियमित आमदनी होती है।
अधिकारियों के मुताबिक, मांगीलाल के पास अब तक की जांच में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सामने आ चुकी है। इस मामले को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मांगीलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने साफ किया कि इंदौर शहर में भिक्षावृत्ति पूरी तरह प्रतिबंधित है और यदि कोई भी व्यक्ति भीख मांगते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। गौरतलब है कि इंदौर में इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां भिक्षावृत्ति की आड़ में लोग करोड़ों की संपत्ति के मालिक निकले। अब सभी की नजरें मांगीलाल के केस पर टिकी हैं कि आगे जांच में और कौन-कौन से चौंकाने वाले खुलासे होते हैं।