Edited By Vikas Tiwari, Updated: 17 Feb, 2026 03:42 PM

मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर गाय को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा विधानसभा में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाए जाने के बाद अब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी इस मांग का समर्थन...
भोपाल (इजहार हसन खान): मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर गाय को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा विधानसभा में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाए जाने के बाद अब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी इस मांग का समर्थन किया है।
विधानसभा में प्रस्तुत अपने अशासकीय संकल्प में आतिफ अकील ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी गाय की मृत्यु होती है तो उसका विधिवत अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चमड़े के व्यापार को बंद करने की मांग भी रखी। आतिफ अकील ने सदन में यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 में उनके पिता ने भी इसी प्रकार का संकल्प रखा था, लेकिन उस समय भाजपा सरकार होने के बावजूद प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है और यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण को लेकर गंभीर है तो उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधायक आतिफ अकील की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रपशु घोषित करने की मांग से वे सहमत हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार की आधिकारिक स्थिति क्या होगी, यह देखना बाकी है, लेकिन गाय को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।