Edited By Himansh sharma, Updated: 13 Mar, 2026 10:49 PM

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम द्वारा जारी की गई बड़े संपत्ति कर बकायेदारों की सूची ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम द्वारा जारी की गई बड़े संपत्ति कर बकायेदारों की सूची ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस लिस्ट में ग्वालियर राजघराने से जुड़े दिवंगत नेता Madhavrao Scindia का नाम सामने आया है। उनके नाम पर दर्ज एक संपत्ति पर करीब 33 लाख रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कटोरा ताल के सामने स्थित एक खाली जमीन दिवंगत माधवराव सिंधिया के नाम दर्ज है, जिस पर वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं हुआ। अब निगम प्रशासन इस मामले में दस्तावेजों की जांच कर रहा है और रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए सिंधिया ट्रस्ट को सूचना भेजने की तैयारी में है।
जैसे ही यह मामला सामने आया, राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। Indian National Congress के नेताओं ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आम जनता से सख्ती से टैक्स वसूला जाता है, तो फिर प्रभावशाली परिवारों की संपत्तियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। कांग्रेस ने इसे निगम का भेदभावपूर्ण रवैया बताया है।
वहीं इस विवाद पर Gwalior Municipal Corporation के अधिकारियों का कहना है कि बकायेदारों की सूची नियमों के अनुसार जारी की गई है और सभी मामलों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। रिकॉर्ड सही होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
300 करोड़ का टैक्स बकाया
नगर निगम की सूची में सिर्फ निजी संपत्तियां ही नहीं, बल्कि कई बड़े सरकारी संस्थान भी शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन सरकारी दफ्तरों पर निगम का करीब 300 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। लंबे समय से टैक्स जमा नहीं होने से निगम की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर निगम इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और बकायेदारों से टैक्स वसूली कैसे सुनिश्चित करता है।