Edited By Vandana Khosla, Updated: 13 Apr, 2026 03:48 PM

भोपालः मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए लगभग 19 हजार 810 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण विकास,...
भोपालः मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए लगभग 19 हजार 810 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इस परियोजना से सागर तहसील के 27 ग्रामों की करीब 7200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए 10 हजार 801 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसमें बीओटी मार्गों के विकास और पर्यवेक्षण, परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान, एन्यूटी भुगतान तथा सड़क विकास निगम की बाह्य वित्त परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित अन्य योजनाओं के संचालन के लिए 3 हजार 553 करोड़ 35 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत 2 हजार 250 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इसके माध्यम से कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना, नरवाई प्रबंधन तथा वन पट्टाधारी किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उत्पादन लागत घटेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1 हजार 674 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। इसके तहत जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों से जोड़ा जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 1 हजार 5 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रभावितों को निरंतर उपचार और सुविधाएं मिलती रहेंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की मंजूरी दी गई है, जो मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार जिले के मनावर और पीथमपुर, इंदौर के लसूडिया और सांवेर तथा झाबुआ के पेटलावद में संचालित किए जाएंगे।