Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Oct, 2026 10:44 PM

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में कांग्रेस ने पार्टी अनुशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ही संगठन के एक पूर्व पदाधिकारी पर बड़ी कार्रवाई की है।
बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में कांग्रेस ने पार्टी अनुशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ही संगठन के एक पूर्व पदाधिकारी पर बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार नागपुरे को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय उइके ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है।
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से हुई। यहां रामकुमार नागपुरे ने मंच से अपनी ही पार्टी के वारासिवनी विधायक विवेक पटेल को लेकर विवादित बयान दे दिया था। उन्होंने विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए यहां तक कह दिया था कि उन्हें जूतों की माला पहनाई जाए और वह खुद भी उन्हें जूते मारेंगे।
नागपुरे के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ और कांग्रेस के भीतर भी इस टिप्पणी को लेकर नाराजगी देखने को मिली। मामला केवल दो नेताओं के बीच की बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक मंच से पार्टी के निर्वाचित विधायक के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी ने संगठन के अनुशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए।
विवाद बढ़ने और बयान को लेकर पार्टी की छवि प्रभावित होने के बाद जिला संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद जिलाध्यक्ष संजय उइके ने रामकुमार नागपुरे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया।
इस कार्रवाई के साथ कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन के भीतर मतभेद या नाराजगी होने पर भी सार्वजनिक मंचों से अमर्यादित बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल बालाघाट की राजनीति में कांग्रेस की इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है।