Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Jan, 2026 08:31 AM

मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते जाल पर अब सरकार ने निर्णायक प्रहार की तैयारी कर ली है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते जाल पर अब सरकार ने निर्णायक प्रहार की तैयारी कर ली है। वर्षों से आम लोगों को झूठे सपने दिखाकर प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजरों की अब खैर नहीं। राज्य सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है, जिससे अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर 1 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना और 10 साल की सख्त जेल का प्रावधान होगा।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिए एकीकृत कॉलोनाइजर अधिनियम का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे 16 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा बजट सत्र में पेश किया जाएगा। इस कानून के लागू होते ही पूरे प्रदेश में कॉलोनाइजरों के लिए एक ही लाइसेंस व्यवस्था होगी।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब यदि किसी जिले में अवैध कॉलोनी विकसित होती है, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी कलेक्टर की मानी जाएगी। इससे प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही तय होगी।
नए प्रस्ताव के तहत अब तक 10 लाख रुपए के जुर्माने की जगह सीधे 1 करोड़ रुपए का दंड लगाया जाएगा, वहीं दोषी पाए जाने पर लंबी जेल भी भुगतनी पड़ेगी। सरकार का साफ संदेश है—अब न तो भूमाफिया बचेंगे और न ही जनता के सपनों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा जाएगा।
यह कानून लागू होने के बाद प्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर पूरी तरह से अंकुश लगने की उम्मीद है और आम लोगों को ठगी से राहत मिलेगी।