Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Feb, 2026 06:46 PM

शहर में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपति से 1 करोड़ 15 लाख रुपए की ठगी कर ली।
इंदौर। (सचिन बहरानी): शहर में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपति से 1 करोड़ 15 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी की धमकी दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, पूरा मामला इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र का है। यहां शिकायतकर्ता 80 वर्षीय विजय सक्सेना और उनकी पत्नी 77 वर्षीय सुमन सक्सेना, निवासी बजरंग नगर, इंदौर के मोबाइल पर 15 नवंबर 2025 को एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुणे एटीएस मुख्यालय का अधिकारी ‘चंद्रभान सिंह’ बताया।
उसने दावा किया कि सुमन सक्सेना के नाम से जम्मू में एचडीएफसी बैंक खाते से 70 लाख रुपए का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ है और यह मामला आतंकवाद से जुड़ा हुआ है। इसके बाद आरोपियों ने लगातार वीडियो कॉल कर कथित पूछताछ के नाम पर महिला और उनके पति को घंटों बैठे रहने को मजबूर किया।
उन्हें धमकी दी गई कि सहयोग नहीं किया गया तो गिरफ्तारी होगी, संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जाएगा। डर के माहौल में आरोपियों ने व्हाट्सऐप के जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेज मंगवा लिए।
इसके बाद दो अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी देकर कहा गया कि जांच पूरी होने तक रकम “सुरक्षित ट्रांजैक्शन” के रूप में इन खातों में ट्रांसफर करनी होगी। 20 नवंबर 2025 को महिला ने अपने खाते से 49 लाख 70 हजार रुपए और उनके पति ने 65 लाख 30 हजार रुपए एनईएफटी के माध्यम से बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
आरोपियों ने यह भी हिदायत दी कि यदि बैंक में कोई पूछताछ हो, तो यह कहना कि यह रकम बेटियों को भेजी जा रही है। लगातार कॉल और मानसिक दबाव के चलते पति की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कुछ दिन बाद महिला ने पूरी घटना की जानकारी अपने दामाद को दी। इसके बाद साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के बाद 27 फरवरी 2026 को हीरानगर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।