Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Apr, 2026 07:45 PM

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। गुरुवार से प्रदेश के भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभागों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का काम शुरू हो गया है। जिन किसानों ने पहले से स्लॉट बुक कर 9 अप्रैल की तिथि चुनी थी, उन्हीं की उपज की तुलाई की जा रही है, जबकि बाकी संभागों में खरीदी 15 अप्रैल से शुरू होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को वर्चुअल बैठक के जरिए व्यवस्था की समीक्षा करते हुए साफ निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से अनाज भीगने न पाए और तेज गर्मी में किसानों को इंतजार न करना पड़े, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
सरकार ने इस साल किसानों को MSP के साथ बोनस का भी लाभ देने का फैसला किया है। गेहूं का भुगतान 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से किया जाएगा, जिसमें 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस शामिल है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले वर्षों में यह राशि बढ़ाकर 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक की जाएगी।
इस बार गेहूं उपार्जन के लिए रिकॉर्ड पंजीयन हुआ है। प्रदेश के 19 लाख से अधिक किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। खरीदी के लिए पूरे प्रदेश में 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सरकार की तैयारियों के बीच विपक्ष भी सक्रिय हो गया है। गेहूं खरीदी में देरी को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। कई जिलों में कलेक्टर कार्यालयों के घेराव की तैयारी है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल खरीदी शुरू होने से किसानों को राहत जरूर मिली है, लेकिन व्यवस्था कितनी सुचारू रहती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।