Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Apr, 2026 02:11 PM

Madhya Pradesh के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
भोपाल। Madhya Pradesh के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में 10 अप्रैल से गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। पहले चरण में Indore, Ujjain, Bhopal और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा।
सरकार ने इस बार उपार्जन से पहले बारदाने की समस्या का समाधान कर लिया है, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। अब तय समय सीमा में ही गेहूं की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्र सरकार का बड़ा सहयोग
गेहूं उपार्जन के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को अतिरिक्त सहायता प्रदान करते हुए 50 हजार जूट की गठानों का आवंटन किया है। इसके साथ ही HDP/PP बैग और एक भर्ती जूट बारदाने के उपयोग की भी अनुमति दी गई है। इससे राज्य में उपार्जन व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी।
बारदाने की व्यवस्था पूरी करने पर जोर
प्रदेश में लाखों टन गेहूं के उपार्जन को देखते हुए आवश्यक बारदाने की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि तुलाई शुरू होने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भंडारण क्षमता भी पर्याप्त
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मार्च-अप्रैल और मई-जून का खाद्यान्न एक साथ वितरित किए जाने से प्रदेश में लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता खाली होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में देश की सबसे अधिक कवर्ड भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जो लगभग 400 लाख मीट्रिक टन है। वर्तमान में इसमें से करीब 103 लाख मीट्रिक टन क्षमता उपयोग में है। इस वर्ष राज्य सरकार ने लगभग 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।