MP को जल्द मिलेगा नया DGP! 11 IPS अफसरों के नाम UPSC भेजे जाएंगे, रेस में ये अधिकारी सबसे आगे

Edited By meena, Updated: 24 Jul, 2026 01:39 PM

mp to get a new dgp soon names of 11 ips officers to be sent to upsc

मध्य प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के बाद अब पुलिस महकमे में सबसे बड़ी नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी...

भोपाल : मध्य प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के बाद अब पुलिस महकमे में सबसे बड़ी नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी के चयन के लिए पुलिस मुख्यालय ने 11 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम गृह विभाग को भेज दिए हैं।

इन नामों में 1991 बैच के जेल डीजी वरुण कपूर, होमगार्ड डीजी प्रज्ञा ऋचा और ईओडब्ल्यू डीजी उपेंद्र जैन सबसे वरिष्ठ हैं। इनके अलावा 1992 बैच के पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार और जी. अखेतो सेमा, 1993 बैच के अनिल कुमार और रवि गुप्ता, जबकि 1994 बैच के अनंत सिंह, मनमीत सिंह नारंग, राजाबाबू सिंह और डीजी गुप्ता भी पैनल में शामिल हैं।

अब गृह विभाग इन सभी अधिकारियों का ब्योरा तय 12 कॉलम के प्रारूप में तैयार कर संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी को भेजेगा। यूपीएससी इनमें से तीन नामों का पैनल तैयार करेगा, जिसके बाद राज्य सरकार अंतिम फैसला लेते हुए नए डीजीपी के नाम पर मुहर लगाएगी।

मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाणा का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए अगले कुछ महीनों में नए पुलिस प्रमुख के चयन की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।

अगर वरिष्ठता की बात करें तो वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा और उपेंद्र जैन सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक और फील्ड अनुभव के कारण उपेंद्र जैन का नाम काफी मजबूत माना जा रहा है। उन्होंने उज्जैन और जबलपुर के एसपी से लेकर पुलिस हाउसिंग, स्पोर्ट्स एंड वेलफेयर और वर्तमान में ईओडब्ल्यू जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

वहीं यदि सरकार महिला सशक्तीकरण का संदेश देना चाहती है तो प्रज्ञा ऋचा इतिहास रच सकती हैं। मध्य प्रदेश में आज तक कोई महिला आईपीएस अधिकारी डीजीपी नहीं बनी है। ऐसे में उन्हें यह जिम्मेदारी देकर सरकार एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश दे सकती है।

इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग में 9,662 नई भर्तियों को भी मंजूरी दे दी है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इसे "सशक्त पुलिस, सुरक्षित मध्य प्रदेश" की दिशा में बड़ा कदम बताया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यूपीएससी के पैनल में किन तीन नामों को जगह मिलती है और आखिरकार मध्य प्रदेश का अगला डीजीपी कौन बनता है।

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