Edited By meena, Updated: 12 May, 2026 01:01 PM

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना के ग्राम पंचायत बेलई में पदस्थ सचिव श्रीपाल खंगार ने सोमवार दोपहर जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में धूप में बैठकर धरना दिया। उन्होंने अधिकारियों पर...
सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना के ग्राम पंचायत बेलई में पदस्थ सचिव श्रीपाल खंगार ने सोमवार दोपहर जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में धूप में बैठकर धरना दिया। उन्होंने अधिकारियों पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से उन पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ गया है।
श्रीपाल खंगार के अनुसार उनकी मूल पदस्थापना आगासौद पंचायत में है, जबकि उन्हें पहले से ही बेलई का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। बेलई पंचायत में रोजगार सहायक नहीं होने के कारण पूरा काम उन्हें अकेले संभालना पड़ रहा था। इसके बाद 19 जनवरी को धनौरा पंचायत का अतिरिक्त प्रभार लेने का आदेश जारी हुआ।
उन्होंने बताया कि आदेश मिलने के बाद उन्होंने जिला पंचायत और जनपद पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई और किसी अन्य सचिव को जिम्मेदारी देने की मांग की थी। उनका आरोप है कि इसी के बाद 8 मई को उन्हें निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने धनौरा का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण नहीं किया था।
धरने के दौरान सचिव ने कहा कि अधिकारी कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं और यदि कोर्ट से राहत लेकर भी आते हैं तो फिर किसी न किसी कारण से दोबारा निलंबित कर दिया जाता है। उनके अनुसार विरोध प्रदर्शन करना ही अंतिम विकल्प बचा था।
दोपहर करीब 2 बजे जनपद अध्यक्ष ऊषा राय मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने सचिव को समझाइश और आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। अध्यक्ष ने अधिकारियों से पूछा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद व्यवस्था में बदलाव क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने जवाब दिया कि पूरी जानकारी जिला पंचायत सीईओ को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई वहीं से होनी है।
अधिकारियों के अनुसार श्रीपाल राय वर्तमान में बेलई पंचायत में पदस्थ हैं तथा आगासौद का प्रभार दूसरे सचिव को दिया जा चुका है। जिला पंचायत से उन्हें धनौरा का अतिरिक्त चार्ज लेने का आदेश मिला था, लेकिन उन्होंने लिखित रूप से असहमति जताते हुए वहां ज्वाइन नहीं किया। इसी रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत स्तर से निलंबन की कार्रवाई की गई।