Edited By Himansh sharma, Updated: 17 May, 2026 05:06 PM

पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने राजेंद्र भारती प्रकरण को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
ग्वालियर। (अंकुर जैन): पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने राजेंद्र भारती प्रकरण को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और बिना किसी ठोस आधार के कार्रवाई की गई।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजेंद्र भारती की मां एक एनजीओ संचालित करती थीं। एनजीओ की एफडी (FD) रिन्यू कराने से जुड़े मामले को जबरन लोन विवाद का रूप दे दिया गया, जबकि बैंक को किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। इसके बावजूद देर रात आनन-फानन में आदेश जारी किए गए, जो साफ तौर पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बीना (सागर) से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे लगातार भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा कर रही हैं, लेकिन उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा मामले का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय के फैसले पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी नेता को प्रताड़ित कर हारे हुए प्रत्याशी को निर्वाचित घोषित करना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। दिग्विजय सिंह के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र व विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।