नरोत्तम मिश्रा की हो सकती है धमाकेदार वापसी, दतिया में उपचुनाव की तैयारियां तेज, आयोग का लेटर जारी

Edited By Himansh sharma, Updated: 16 May, 2026 01:29 PM

political heat rises in datia amid by poll preparations

जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर प्रशासनिक और चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।

दतिया। जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर प्रशासनिक और चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से जिला कलेक्टर को पत्र भेजे जाने के बाद दतिया प्रशासन ने भी सक्रियता बढ़ा दी है और राजनीतिक दलों को ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक सूचना जारी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, दतिया विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की एफएलसी प्रक्रिया 19 मई को निर्धारित की गई है। इस दौरान मशीनों की तकनीकी जांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

एफएलसी प्रक्रिया के बाद जिला प्रशासन आगे की चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देगा। इसमें इंजीनियरिंग टीमों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रांग रूम की निगरानी, वेबकास्टिंग और फ्रिस्किंग जैसे मानक प्रोटोकॉल शामिल होंगे। इधर, राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। उपचुनाव की संभावनाओं के बीच सभी प्रमुख दल सक्रिय नजर आ रहे हैं और रणनीति बनाने में जुट गए हैं।गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद तीन साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उन्हें विधानसभा सचिवालय द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिससे सीट रिक्त हो गई।

हालांकि, मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। राजेंद्र भारती ने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है और दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई 11 दिन बाद प्रस्तावित है। हाईकोर्ट के फैसले पर भी अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था, जिसके चलते यह सीट पहले से ही राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि उपचुनाव होता है तो भाजपा की ओर से एक बार फिर मजबूत प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो सकता है।दतिया की यह सीट अब केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रदेश की सियासत का अहम केंद्र बनती जा रही है, जहां आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!