राज्य में युवा कांग्रेस चुनाव की तैयारी तेज! इस आधार पर चुना जाएगा अध्यक्ष

Edited By Himansh sharma, Updated: 06 May, 2026 03:50 PM

youth congress elections begin new rules to pick president

छत्तीसगढ़ की राजनीति में युवा कांग्रेस एक बार फिर सक्रिय मोड में है। संगठनात्मक चुनावों की आहट के साथ प्रदेशभर में हलचल तेज हो गई है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में युवा कांग्रेस एक बार फिर सक्रिय मोड में है। संगठनात्मक चुनावों की आहट के साथ प्रदेशभर में हलचल तेज हो गई है। यह सिर्फ पदों की अदला-बदली भर नहीं, बल्कि संगठन की दिशा और भविष्य तय करने वाली प्रक्रिया भी है। तीन साल से अधिक समय से प्रदेश अध्यक्ष रहे आकाश शर्मा के कार्यकाल के बाद अब नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।इस पूरी कवायद की शुरुआत सदस्यता अभियान से होगी, जो मई-जून में चलाया जाएगा।

यही सदस्यता आगामी चुनाव की बुनियाद बनेगी। खास बात यह है कि इस बार सदस्यता शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी भले छोटी लगे, लेकिन इसके पीछे संगठन की गंभीरता और संसाधनों को मजबूत करने की रणनीति साफ झलकती है। युवा कांग्रेस इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने पर जोर दे रही है। सदस्यता से लेकर मतदान तक पूरा सिस्टम डिजिटल होगा और चुनाव को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा। यह कदम न सिर्फ भागीदारी बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय नेतृत्व को उभारने की भी कोशिश है।

चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में होगी पहले मतदान और फिर इंटरव्यू। अंतिम चयन वरिष्ठ नेतृत्व के हाथ में रहेगा। इस बार उम्र को भी एक अहम पैमाना बनाया गया है, जिसमें खासतौर पर 1989, 1990 और 1991 आयु वर्ग के दावेदारों पर फोकस रहने की चर्चा है। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है। पिछले सदस्यता अभियान में 11 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने संगठन को मजबूती दी थी। इस बार यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर भी है।

दूसरी ओर, दावेदारों की लंबी सूची इस चुनाव को और दिलचस्प बना रही है। नए और पुराने चेहरों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। यह प्रतिस्पर्धा जहां संगठन में नई ऊर्जा भर सकती है, वहीं गुटबाजी की चुनौती भी खड़ी कर सकती है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का यह चुनाव महज संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक पुनर्संरचना का संकेत है। सदस्यता, डिजिटल चुनाव और नए चेहरों की एंट्री—ये तीनों फैक्टर मिलकर तय करेंगे कि आने वाले समय में संगठन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। अगर यह प्रक्रिया पारदर्शिता और संतुलन के साथ पूरी होती है, तो यह कांग्रेस के लिए प्रदेश में नई ताकत बन सकती है।

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