Edited By meena, Updated: 22 Apr, 2026 08:33 PM
आगामी सिंहस्थ-2028 (महाकुंभ) के भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन की तैयारियों को लेकर आज उज्जैन में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई...
भोपाल (इजहार खान) : आगामी सिंहस्थ-2028 (महाकुंभ) के भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन की तैयारियों को लेकर आज उज्जैन में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा संरचना, तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा एवं प्रशिक्षण रणनीति पर विस्तृत एवं समन्वित प्रस्तुतीकरण दिया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अपने संबोधन में कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं वैश्विक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तकनीक, प्रशिक्षण, समन्वय एवं जनसहयोग के माध्यम से इस आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक बनाया जाएगा।पुष्टि प्रदान की जाती है। यह प्रणाली मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक पारदर्शी एवं तकनीक-सक्षम बनाती है।
बैठक में "सिंहस्थ साइबर सुरक्षा योजना" का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया तथा पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा संबंधित साइबर सुरक्षा पोस्टर का अनावरण किया गया। इस योजना का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, फेक न्यूज नियंत्रण, साइबर फ्रॉड रोकथाम, श्रद्धालुओं के डिजिटल डेटा की सुरक्षा एवं रियल टाइम साइबर इंटेलिजेंस प्रणाली को मजबूत करना है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन रेंज श्री राकेश गुप्ता द्वारा सिंहस्थ-2028 से जुड़ी संभावित चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें भीड़ प्रबंधन, यातायात दबाव, होल्डिंग एरिया, घाट क्षेत्रों की संवेदनशीलता, वीआईपी मूवमेंट, सीमावर्ती जिलों से आने वाले यातायात दबाव तथा आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।

21 दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल का शुभारंभ
उप पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन रेंज) नवनीत भसीन द्वारा प्रशिक्षण व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2028 हेतु 07, 14 एवं 21 दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिनमें TOT (Training of Trainers), उज्जैन एवं इकाई आधारित प्रशिक्षण, तथा रोल-बेस्ड पॉइंट ट्रेनिंग शामिल है। सिंहस्थ-2028 के लिए तैयार किए गए 21 दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया, जिसमें भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, साइबर अपराध, वीआईपी सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, सोशल मीडिया संचालन, घाट सुरक्षा, खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं।
इस अवसर पर यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित अधिकारी एवं कर्मचारी मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किए जा रहे हैं, जो आगे अपने-अपने जिलों में अन्य बल को प्रशिक्षित करेंगे। प्रत्येक जिले से चयनित कार्मिकों का डेटा संकलित किया जा रहा है तथा प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने हेतु प्रयागराज महाकुंभ-2025 एवं पूर्व सिंहस्थ अनुभवों का अध्ययन भी शामिल किया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि उज्जैन में पूर्व से ही विशेष कार्यशालाओं एवं ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्रों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अनुभवी एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों की सहभागिता से प्रशिक्षण सामग्री को अधिक व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा द्वारा सिंहस्थ आयोजन एवं पुलिस व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुये बताया गया कि सिंहस्थ-2028 में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जो इसे विश्व के सबसे बड़े मानव समागमों में से एक बनाता है। इस विशाल जनसमूह के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु बहु-स्तरीय सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की गई है, जिसमें राज्य पुलिस बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, विशेष इकाइयां तथा सहायक बलों का समन्वित उपयोग किया जाएगा। साथ ही यातायात नियंत्रण, घाट सुरक्षा, होल्डिंग एरिया प्रबंधन एवं भीड़ प्रवाह नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है।